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त्रिशूल

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"दीवार" और "कभी कभी" के बाद यश चोपरा की त्रिशूल भी अमीर-ग़रीब, परिवारिक रंजिशों पर आधारित है|त्रिशूल फिल्म है एक बेटे का अपनी माँ के साथ हुए अन्याय का बदलालेने की| त्रिशूल "दीवार" फिल्म के "मेरे पास माँ है" की थीम को बढ़ावा देती है|

कहानी:राज एक निर्माण-कार्य कंपनी मे काम करता है| राज(संजीव कुमार) और शांति(वहीदा रहमान) एक दूसरे से बहुत प्यार करते है| पर राज के पास अपने मालिक की बेटी की शादी का रिश्ता आता है और अपने करियर को उँचाई पर ले जाने के लिए राज ये रिश्ता मंजूर कर लेता है| वही दूसरी ओर शांति राज के बच्चे की माँ बनने वाली है पर वह राज की शादी का सुनकर कही दूर चली जाती है और विजय(अमिताभ बच्चन) को जन्म देती है|

विजय बड़ा हो जाता है और अपनी माँ पर हुए अत्याचार का बदला लेने को तड़प्ता है|शांति बीमारी से दम तोड़ देती है पर विजय से वचन लेती है की वो एक अछा इंसान बनेगा| माँ की चिता को आग देने के बाद विजय निकल पड़ता है राज(जो अब आर. के. गुप्ता है) से बदला लेने के लिए|आर. के. गुप्ता अब एक बड़े निर्माण-कार्य कंपनी के मालिक है और उनके एक बेटा(शशि कपूर) और एक बेटी(पूनम ढिल्लों) है|विजय आर. के. गुप्ता से एक ज़मीन का सौदा करता है जिसपर ६ साल से माधव सिंग नाम के गुंडे का कब्जा है| विजय ५ लाख का प्रस्ताव रखता है जबकि उसकी जेब मे पाँच फूटी कौड़ी नही है| और यहाँ से शुरू होती है विजय की आर. के. गुप्ता के खिलाफ लड़ाई| विजय राज को उस मुक़ाम पर लाकर खड़ा कर देना चाहता है जहाँ उसके पास ना प्यार है, ना परिवार और ना ही धन| ये है त्रिशूल के तीन भाग|

फिल्म अमिताभ और संजीव कुमार के इर्द-गिर्द घूमती है और हर हिन्दी फिल्म की तरह अपने खलनायक है|फिल्म मे शशि कपूर, हेमा मालिनी, सचिन, पूनम का बहुत ही सीमित किरदार है और उन्हे फिल्म के गीतों और चमक धमक के लिए लिया गया है| जहाँ अमिताभ का मूक गुस्सा और संजीव कुमार का हठी किरदार फिल्म की जान है वही सलीम-जावेद की जोड़ी ने फिल्म को नयी उँचाई पर ला खड़ा किया है|फिल्म के गीतो को दर्शको ने खूब पसंद किया है हालाँकि सचिन-पूनम के कुछ दृश्य और उनके उपर फिल्माया गीत फिल्म को दिशा से थोड़ा हटा देते है| "मोहब्बत बड़े काम की चीज़ है" गाने मे बहुत ही खूबसूरती से अमिताभ की प्यार के प्रति रोष को दिखाया गया है|फिल्म की पटकथा एक तरफ दर्शको को तनाव मे रखती है वही दूसरी तरफ इधर-उधर का हास्य उस तनाव को कम करने का काम करता है|

फिल्म के कुछ प्रसिद्ध संवाद:

"जिसने 25 बरस अपनी माँ को हर वक़्त थोड़ा थोड़ा मरते देखा हो, उस मौत से क्या डर लगेगा"

"मैं आ गया माँ"

"मैं पाँच लाख का सौदा करने आया हुआ और मेरी जेब में पाँच फूटी कौड़ी भी नही है"

"मैं इस शहर मे क्या लेकर आया था-सिर्फ़ अपनी माँ का नाम और एक दिन अपनी माँ का नाम लेकर वापस चला जौंगा"

"आपकी तरफ से मेरी माँ को बदनामी और ग़रीबी के सिवा कुछ न्हीं मिला, लेकिन आज में अपनी माँ की तरफ से आपको आपकी सारी दौलत वापस करता हूँ. आज आपके पास आपकी सारी दौलत है पर आपसे बड़ा ग़रीब मैने जिंदगी में नही देखा"

निर्देशक: यश चोपरा

निर्माता: गुलशान राय

कलाकार: अमिताभ बच्चन, शशि कपूर, राखी, हेमा मालिनी, संजीव कुमार, प्रेम चोप्रा, सचिन, पूनम ढिल्लों, वहीदा रहमान

लेखक: सलीम-जावेद

संगीत: खय्याम

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