सच बोलता हूँ मैं
गायक - पंकज उधास
फिर हाथ में शराब है, सच बोलता हूँ मैं
फिर हाथ में शराब है, सच बोलता हूँ मैं
ये चीज़ लाजवाब है, ये चीज़ लाजवाब है, सच बोलता हूँ मैं
फिर हाथ में शराब है, सच बोलता हूँ मैं
गिन कर पियूं मैं जाम तो होता नहीं नशा
गिन कर पियूं मैं जाम तो होता नहीं नशा
मेरा अलग हिसाब है, मेरा अलग हिसाब है, सच बोलता हूँ मैं
फिर हाथ में शराब है, सच बोलता हून मैं
हूँ हूँ हूँ हूँ....
साक़ी यकीन ना आए तो, गर्दन झुका के देख
साक़ी यकीन ना आए तो, गर्दन झुका के देख
शीशे में माहताब है, शीशे में माहताब है, सच बोलता हूँ मैं
फिर हाथ में शराब है, सच बोलता हूँ मैं
हाथों में एक जाम है, होंठों पे एक गाज़ल
हाथों में एक जाम है, होंठों पे एक गाज़ल
बाकी ख़याल-ओ-ख्वाब है, बाकी ख़याल-ओ-ख्वाब है, सच बोलता हूँ मैं
फिर हाथ में शराब है, सच बोलता हूँ मैं
फिर हाथ में शराब है, सच बोलता हूँ मैं
