चाँदी जैसा रंग है तेरा
गायक - पंकज उधास
चाँदी जैसा रंग है तेरा, सोने जैसे बाल
एक तूही धनवान है गोरी, बाकी सब कंगाल
चाँदी जैसा रंग है तेरा, सोने जैसे बाल
एक तूही धनवान है गोरी, बाकी सूब कंगाल
एक तूही धनवान है गोरी, बाकी सूब कंगाल
जिस रस्ते से तू गुज़रे, वो फूलों से भर जाए
जिस रस्ते से तू गुज़रे, वो फूलों से भर जाए
तेरे पैर की कोमल आहट सोते भाग जगाए
जो पत्थर छू ले गोरी तू वो हीरा बन जाए
तू जिसको मिल जाए वो, तू जिसको मिल जाए
वो हो जाए मालामाल
एक तूही धनवान है गोरी, बाकी सब कंगाल
चाँदी जैसा रंग है तेरा, सोने जैसे बाल
एक तूही धनवान है गोरी, बाकी सब कंगाल
जो बे-रंग हो उस पर क्या क्या रंग जमाते लोग
जो बे-रंग हो उस पर क्या क्या रंग जमाते लोग
तू नादान ना जाने कैसे रूप चुराते लोग
नज़रें भर भर देखें तुझको आते जाते लोग
छैल चबीली रानी थोड़ा, छैल चबीली रानी थोड़ा
घूँघट और निकाल
एक तूही धनवान है गोरी, बाकी सब कंगाल
चाँदी जैसा रंग है तेरा, सोने जैसे बाल
एक तूही धनवान है गोरी, बाकी सब कंगाल
धनक घटा कलियाँ और तारे सब हैं तेरे रूप
धनक घटा कलियाँ और तारे सूब हैं तेरा रूप
गाज़लें हों या गीत हों मेरे सब में तेरा रूप
यूँही चमकती रहे हमेशा तेरे हुस्न की धूप
तुझे नज़र ना लगे किसी की
तुझे नज़र ना लगे किसी की
जिए हज़ारों साल
एक तूही धनवान है गोरी, बाकी सब कंगाल
चाँदी जैसा रंग है तेरा, सोने जैसे बाल
एक तूही धनवान है गोरी, बाकी सब कंगाल
चाँदी जैसा रंग है तेरा, सोने जैसे बाल
एक तूही धनवान है गोरी, बाकी सब कंगाल
एक तूही धनवान है गोरी, बाकी सब कंगाल
एक तूही धनवान है गोरी, बाकी सब कंगाल





11 नवम्बर)

(30 सितम्बर)



















