ये दुनिया, ये महफ़िल (Yeh duniya yeh mehfil)
फिल्म - हीर-रांझा (Heer Ranjha)
गायक - मोहम्मद रफ़ी
ये दुनिया, ये महफ़िल मेरे काम की नही -4
किस को सुनाऊ हाल दिला-ये-बेकरार का
बुझता हुआ चिराग हू अपने मजार का
ए काश भूल जाऊ, मगर भूलता नही
किस धूम से उठा था, जनाजा बहार का
ये दुनिया, ये महफ़िल मेरे काम की नही -2
अपना पता मिले, ना खबर यार की मिले
दुश्मन को भी ना एसी सजा प्यार की मिले
उनको खुदा मिले है खुदा की जिन्हे तलाश
मुझको बस एक झलक मेरे दिलदार की मिले
ये दुनिया, ये महफ़िल मेरे काम की नही -2
सहारा मे आके भी, मुज़ को ठिकाना ना मिला
गम को भूलाने का, कोइ बहाना ना मिला
दिल तरसे जिस मे प्यार को, क्या समझू उस संसार को
एक जीती बाजी हार के, मै ढूंढू बिछड़े यार को
ये दुनिया, ये महफ़िल मेरे काम की नही -2
दूर निगाहो से आंसू बहाता है कोइ
कैसे ना जाऊ मैं, मुझको बुलाता है कोइ
या टूटे दिल को जोड़ दो, या सारे बंधन तोड़ दो
ए परबत रास्ता दे मुजे, ए कांतो दामन छोड़ दो
ये दुनिया, ये महफ़िल मेरे काम की नही -2
कलाकार- राजकुमार
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