जन्म नाम: करीना कपूर
जन्म तिथि: 21 सितम्बर, 1977
जन्म स्थान: मुंबई, इंडिया
कद: 5'5"
उपनाम: बेबो
परिवार: पिता:रंधीर कपूर ; माँ:बबिता ; बहिन: करिश्मा कपूर
पहली फिल्म: रिफ्यूजी (2000)
एक ऐसे घराने से जिसने सदियों से बॉलीवुड को सुपरस्टार दिए,करीना कपूर भी सफलतम अभिनेत्रियों में से है कोई अचरज की बात नहीं है| अभिनय तो उनके खून में ही है और उन्होंने ये साबित भी कर दिया है| उन्होंने बॉलीवुड में अपनी पहली फिल्म अभिषेक बच्चन के साथ की और इस जोड़ी को दर्शकों ने भी बेहद पसंद किया है| जहाँ फिल्म टशन में अपने साइज़ जेरो को लेकर वे सुर्ख़ियों में भी रही वहीँ कमबख्त इश्क में अपने दृश्य की वजह से नज़रों में बनी रही| शाहिद कपूर से रिश्ता टूटने के बाद अब करीना सैफ अली ख़ान के साथ है और दोनों को सैफीना भी कहा जाता है|
करियर
एक फ़िल्मी परिवार से होने की वजह से करीना बहुत पहले ही कैमरे के सामने आ चुकी थी पर उनका बॉलीवुड में दाखिला फिल्म रिफ्यूजी से 2000 में हुआ| हालांकि उन्हें पहले 'कहो ना प्यार है' में अमीषा पटेल का किरदार मिला पर कुछ दिन काम करने के बाद उन्होंने उस फिल्म में काम करने से मना कर दिया क्योंकि वो फिल्म एक बाप अपने बेटे के लिय बना रहा था और जिसमे मुख्य किरदार नायक का ही था| रिफ्यूजी में उन्होंने अमिताभ बच्चन के बेटे अभिषेक बच्चन के साथ जोड़ी बनायीं| ये फिल्म अभिषेक के लिय भी पहली फिल्म थी जिसमे उन्होंने एक रिफ्यूजी का किरदार निभाया जो लोगों को सरहदें पार करवाता था| करीना ने एक बंगलादेशी लड़की का किरदार निभाया और उन्हें इस फिल्म के लिय फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ नावोनित अभिनेत्री का ख़िताब मिला| 2001 में उन्होंने तुषार कपूर के साथ 'मुझे कुछ कहना है' में जोड़ी बनायी और उनके अभिनय की बहुत सराहना की गयी|
उनकी अगली बड़ी फिल्म आई अबास-मस्तान के साथ अजनबी में जिसमे उन्होंने अक्षय कुमार, बिपाशा बासु और बोब्बी देओल के साथ जोड़ी बनायीं| फिल्म दर्शकों को काफी पसंद आई| उनकी अगली बड़ी फिल्म थी शाहरुख़ खान के साथ "असोका" जिसमे उन्होंने कलिंगा की राजकुमारी का किरदार निभाया|
एक सफल परिवार और अपने अभिनय के दम पर उन्हें बड़ी फिल्मों में काम करने के न्योते आते गए| 2001 में उन्होंने करण जोहर की फिल्म "कभी खुशी कभी गम" में काजोल के छोटी बहन का किरदार निभाया| इस फिल्म में उन्होंने अमिताभ बच्चन, शाहरुख़ खान, हृतिक रोशन और काजोल जैसे बड़े सितारों के साथ काम किया| "कभी खुशी कभी गम" तब तक की विदेशों में सबसे सफल बॉलीवुड फिल्म थी| 2002 और 2003 उनके लिए बेहद ख़राब साबित हुए और इस दौरान उनकी सभी 6 फिल्में असफल रही|
2004 में उन्होंने "चमेली" में एक वैश्य के दमदार किरदार से शानदार वापसी की| इस फिल्म में उन्होंने राहुल बोज़ के विपरीत एक वैश्य का किरदार निभाया और उन्हें फिल्मफेयर विशेष अदाकारी पुरस्कार मिला| उनकी अगली फिल्में मणि रत्नम की युवा, गोविन्द निहलानी की देव औसतन फिल्में रही| देव के लिए उन्हें फिल्मफेयर समीक्षक पुरस्कार मिला|
फिल्म 'फ़िदा' में उन्होंने पहली बार नकरात्मक भूमिका निभाई| यही से उनकी और शाहिद कपूर के रिश्ते की शुरुआत हुई जो काफी समय तक सुर्ख़ियों में रहा| उनकी अगली फिल्में, 'क्यूँ की', 'दोस्ती' दर्शकों को रास नहीं आई और बुरी तरह असफल रही| उनको अगली सफलता फिल्म विशाल भरद्वाज की ओमकारा में मिली जहाँ उनके किरदार को बेहद सरहाया गया और उन्हें फिल्मफेयर पुरस्कार भी मिला|
उन्होंने कुछ समय के लिय फिल्मों से विदाई ले ली ये कहकर की उन्हें कुछ दिलचस्प नहीं मिल रहा करने को| 2007 में उन्होंने फिल्म "जब वी मेट" से वापसी की| शाहिद के साथ उनकी ये फिल्म दर्शकों को बेहद पसंद आई| करीना के किरदार और अभिनय के लिए उनकी बहुत प्रशंसा हुई और करीना को फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री पुरस्कार मिला| फिल्म शाहिद कपूर और करीना के टूटे हुए रिश्तों की वजह से भी सुर्ख़ियों में रही|
उनकी अगली फिल्म टशन दर्शकों को रिझाने में नाकाम रही पर उनके और सैफ अली ख़ान के बीच एक नए रिश्ते की शुरुआत हुई| उनकी फिल्म कमबख्त इश्क पहली बॉलीवुड फिल्म हुई जो हॉलीवुड के युनिवर्सल स्टूडियोस में शूट हुई| उन्हें अपनी अगली बड़ी सफलता राजकुमार हिरानी की फिल्म 3 ईडियट्स से मिली| फिल्म दर्शकों को बेहद पसंद आई और उस साल की सबसे सफलतम फिल्म रही| उनकी अगली फिल्में "मिलेंगे मिलेंगे" और "वी आर फॅमिली" बॉक्स ऑफिस पर कुछ खास कमाल नहीं दिखा सकी|
निजी जिंदगी
बॉलीवुड के सबसे बड़े शो मन 'राज कपूर' के खानदान से होने की वजह से अभिनय तो करीना के खून में ही था| उनके पिता रंधीर कपूर, माँ बबिता और बहन करिश्मा कपूर भी अपने समय के बड़े सितारे रह चुके थे| बचपन से ही उन्हें अभिनय करने का बेहद शौक था और मौका मिलते ही वे अपनी माँ के कपड़ो पहनकर शीशे के आगे अभिनय करना शुरू कर देती थी| हालांकि उनके पिता को लड़कियों का फिल्मों में आना पसंद नहीं था क्योंकि उन्हें लगता था की इससे एक नारी से जुडी जिम्मेदारियों पर असर पड़ेगी| इस वजह से रंधीर कपूर और बबिता में तनाव पैदा हुआ और बबिता अपनी दोनों बेटियों के साथ घर छोड़ कर चली गयी| दोनों के अलग हो जाने के बाद, बबिता ने अलग अलग जगह काम करके अपने बच्चों को बड़ा किया और 1991 में करिश्मा का बॉलीवुड में दाखिला करवाया| 2007 में रंधीर कपूर और बबिता फिर से एक साथ हो गए|
करीना की शुरुआती पढाई मुंबई के जमनाभाई नारसी स्कूल में हुई और बाद में देहरादून के 'वेल्ल्हम गर्ल्स बोअर्डिंग स्कूल' में| बाद में उन्होंने मुंबई के मिठीबाई कॉलेज में २ साल पढाई की और अमेरिका के हार्वर्ड विश्वविध्यालय में मिक्रो कॅंप्यूटर्स का कोर्स किया| आगे चलकर उनकी कानून में दिलचस्पी हुई और एक साल चर्चगेट के सरकारी कॉलेज में पढाई की| पर जल्द ही उनका मन अभिनय की तरफ भटका और पढाई छोड़कर वे अभिनय के क्षेत्र में आ गयी|
पुरस्कार
| 2000 | फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ नविन अभिनेत्री:रिफ्यूजी |
| 2004 | फिल्मफेयर विशेष पुरस्कार:चमेली |
| 2004 | फिल्मफेयर समीक्षक पुरस्कार: देव |
| 2006 | फिल्मफेयर समीक्षक पुरस्कार:ओमकारा |
| 2007 | फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री: जब वी मेट |
करीना कपूर फिल्में
| # गोलमाल 3 (2010) | |
| # वी आर फॅमिली(2010) | # मिलेंगे मिलेंगे (2010) |
| # 3 ईडियट्स (2009) | # कुर्बान (2009) |
| # मैं और् म्र्स खन्ना (2009) | # कंबक्खत इश्क़ (2009) |
| # गोलमाल रिटर्न्स (2008) | # टॅशन (2008) |
| # डॉन (2006) | # जब वी मेट (2007) |
| # ओमकारा (2006) | # छुप छुप के (2006) |
| # 36 चायना टाउन (2006) | # दोस्ती: फ्रेंड्स फॉरेवर (2005) |
| # क्यों की... (2005) | # बेवफा (2005) |
| # हलचल (2004) | # ऐतराज़ (2004) |
| # फिदा (2004) | # देव (2004) |
| # युवा (2004) | # चमेली (2003) |
| # अल.ओ.सी: कारगिल (2003) | # मैं प्रेम की दीवानी हून (2003) |
| # खुशी (2003) | # तलाश: थे हंट बिगिन्स... (2003) |
| # जीना सिर्फ़ मेरे लिए (2002) | # मुझसे दोस्ती करोगे! (2002) |
| # कभी खुशी कभी गम(2001) | # रिफ्यूजी |
करीना कपूर
