जन्म तिथि: 9 सितम्बर,1967
जन्म नाम: राजीव हरी ओम भाटिया
जन्म स्थान: अमृतसर,पंजाब
कद: 6'1"
परिवार:पत्नी:ट्विंकल खन्ना,बेटा:आरव
पहली फिल्म:सौगंध
पहली सफल फिल्म:खिलाड़ी
उपनाम:अक्की,मैक
ख़िताब: पद्मा श्री
अक्षय कुमार - राजीव हरी ओम भाटिया, एक आम आदमी जिसने कभी बुलंदियों को छूने का सपना नहीं देखा था| फिल्मों में आने से पहले बेंकोक एक रेस्तरां में बावर्ची की नौकरी करने वाले अक्षय ने ये कभी नहीं सोचा था कि एक दिन वे फ़िल्मी परदे के सबसे उच्च सितारों कि सूची में जाने जाएंगे | उन्होंने बेंकोक में ही जुडो कराटे का प्रशिक्षण लिया और बाद में खुद उसके प्रशिक्षक बन गए| एक छात्र के कहने पर उन्होंने मोडल्लिंग करनी शुरू कि और फिर अपने रूप और एक्शन कि वजह से फिल्म जगत में कदम रहा|
पेशा
अक्षय कुमार ने अपनी फ़िल्मी पेशे की शुरुआत फिल्म 'सुगंध' से की जिसके बाद उन्होंने 'खिलाड़ी' कड़ी की फिल्मों में पहली फिल्म 'खिलाडी की| इससे पहले उन्होंने बेंकोक में जुडो कराटे का प्रशिक्षण लिया और बाद में खुद उसके प्रशिक्षक बन गए| मोडल्लिंग में सफलता मिलने पर उन्होंने अपना नाम बदल कर अक्षय रख लिया|
उनकी पहली फिल्म दर्शकों को रास नहीं आई पर फिल्म खिलाड़ी से उन्होंने अपनी छाप छोड़ दी| 1994 में उनकी फिल्में 'मैं खिलाडी तू अनारी' और 'मोहरा' उस साल की सबसे सफल फिल्में रही| इस सफलता को देखते हुए यशराज ने उन्हें अपनी फिल्मों में काम करने का न्योता दिया और अक्षय 'यह दिल्लगी' में दिखाई दिए| इस फिल्म में उन्हें अपनी छवि से हटकर एक रोमानी किरदार मिला जो दर्शकों को काफी पसंद आया| इस फिल्म के लिए उन्हें फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के पुरस्कार के लिय भी मनोनीत किया गया|
1995 में अक्षय की खिलाडी श्रृंखला की तीसरी फिल्म 'सबसे बड़ा खिलाडी' आई जो दर्शकों को काफी रास आई| आगे चलते हुए उनकी फिल्म 'खिलाडियों का खिलाडी' भी सफल साबित हुई| 1997 में वे फिर से यशराज फिल्मों में लौटे और 'दिल तो पागल है' में काम किया जिसके लिय उन्हें फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ सह- अभिनेता का पुरस्कार मिला| आगे आने वाली 2000 तक उनकी फिल्में असफल रही|
2000 में उन्होंने जबरदस्त वापसी की और उनकी फिल्में 'हेरा फेरी', 'धड़कन' दर्शकों को बेहद पसंद आई| उनकी अगली फिल्म 'अजनबी' में उन्होंने खलनायक का किरदार निभाया जिसके लिय उन्हें फिल्मफेयर पुरस्कार भी मिला| 'हेरा फेरी' की सफलता को देखते हुए अक्षय ने हास्य की और कदम बढाया और वे हास्य फिल्मों में दिखने लगे| अपने अभिनय के लिय उन्हें फिल्मफेयर पुरस्कार भी मिला|
2007 उनके पेशे का सर्वश्रेष्ठ साल रहा और उन्होंने एक के बाद एक 4 बड़ी सफल फिल्में दी| 'नमस्ते लंदन', 'हे बेबी', 'भूलभुलैया' और 'वेलकम' की सफलता के बाद वे बॉलीवुड के भरोसेमंद सितारे बन गए| ये वो दौर था जब बाकी सभी बड़ी सितारों की फिल्में असफल जा रही थी और निर्देशकों का सिर्फ एक सहारा था-अक्षय कुमार| इसी दौरान बॉलीवुड को एक नयी जोड़ी मिली अक्षय-कटरीना की को परदे पर दर्शकों को बेहद रास आई| इस जोड़ी ने कई सफल फिल्में दी जैसे - 'नमस्ते लंदन', 'वेलकम', 'सिंह इस किंग', 'हमको दीवाना कर गए' और बॉलीवुड की सबसे बेहतरीन जोड़ी जाने जाने लगी|
2009 में उन्होंने छोटे परदे पर वापसी की धारावाहिक 'खतरों के खिलाडी' से| 2009 में उनकी सभी फिल्में असफल रही पर 2010 में फिल्म हाउसफुल से सफल वापसी की| हालांकि उनकी अगली फिल्म 'खट्टा मीठा' और 'एक्शन रिप्ले' परदे पर असफल रही|
निजी जिंदगी
अक्षय ने अपनी पढाई डोन बोस्को स्कूल और खालसा कॉलेज से की| बचपन से ही उन्हें खेल कूद और जुडो कराटे का शौक था| पर उनके पिता को डर था कि अक्षय के इस शौक के कारण उनकी पढाई ख़राब हो जाएगी और उन्हें वादा किया कि अगर अक्षय परीक्षा में प्रथम आये तो उन्हें उनका मनपसंद तोहफा मिलेगा| अक्षय परीक्षा में प्रथम आये और उन्हें बेंकोक जाकर जुडो कराटे सीखने का मौका मिला|
अपने फ़िल्मी पेशे में वे कई साड़ी अभिनेत्रियों के साथ जुड़े जैसे रवीना टंडन, शिल्पा शेट्टी| उनकी शादी ट्विंकल खन्ना से हुई जिससे उन्हें एक बेटा हुआ आरव|
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पुरस्कार
| 2001 | फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ खलनायक: अजनबी |
| 2004 | फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ सह-अभिनेता: मुझसे शादी करोगे |
| 2004 | फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ हास्य अभिनेता: मुझसे शादी करोगे |
| 2005 | फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ हास्य अभिनेता:गरम मसाला |
फिल्में
| # थैंक यू (2011) | |
| # पटियाला हाउस (2011) | # तीस मार खान (2010) |
| # एक्शन रिप्ले (2010) | # खट्टा मीठा (2010) |
| # हाउसफुल (2010) | # दे दना दन (2009) |
| # ब्लू (2009) | # कमबख्त इश्क़ (2009) |
| # 8 * 10 तस्वीर (2009) | # चाँदनी चोक टू चाएना (2009) |
| # सिंह इस किंग (2008) | # टशन (2008) |
| # वेलकम (2007) | # भूलभुलैया (2007) |
| # हेरा फेरी (2007) | # नमस्ते लंदन (2007) |
| # भागम भाग (2006) | # जानेमन (2006) |
| # फिर हेरा फेरी (2006) | # हमको दीवाना कर गये (2006) |
| # मेरे जीवन साथी (2006) | # दोस्ती: फ्रेंड्स फॉरेवर (2005) |
| # दीवाने हुए पागल (2005) | # गरम मसाला (2005) |
| # वक़्त: थे रेस अगेन्स्ट टाइम (2005) | # बेवफा (2005) |
| # इंसान (2005) | # अब तुम्हारे हवाले वतन साथियो (2004) |
| # ऐतराज़ (2004) | # हत्या: थे मर्डर (2004) |
| # मुझसे शादी करोगी (2004) | # मेरी बीवी का जवाब नहीं (2004) |
| # आन: मेन अट वर्क (2004) . | # पोलीस फोर्स: आन इनसाइड स्टोरी (2004) |
| # खाकी (2004) | # अंदाज़ (2003) |
| # तलाश: थे हंट बिगिन्स... (2003) | # जानी दुश्मन: एक अनोखी कहानी (2002) |
| # आवारा पागल दीवाना (2002) | # आँखें (2002) |
| # हाँ मैने भी प्यार किया (2002) | # अजनबी (2001) |
| # एक रिश्ता: थे बॉन्ड ऑफ लव (2001) | # खिलाड़ी 420 (2000) |
| # धड़कन (2000) | # हेरा फेरी (2000) |
| # जानवर (1999) | # संघर्ष (1999) |
| # ज़ुल्मी (1999) | # इंटरनॅशनल खिलाड़ी (1999) |
| # आरज़ू (1999) | # बारूद (1998) |
| # अंगारे (1998) | # कीमत (1998) |
| # अफ़लातून (1997) | # दिल तो पागल है (1997) |
| # मिस्टर एंड मिसेज खिलाड़ी (1997) | # तराजू (1997) |
| # दावा (1997) | # इंसाफ़: थे फाइनल जस्टीस (1997) |
| # लहू के दो रंग (1997) | # सपूत (1996) |
| # खिलाड़ियों का खिलाड़ी (1996) | # तू चोर मैं सिपाही (1996) |
| # सबसे बड़ा खिलाड़ी (1995) | # मैदान-ए-जग (1995) |
| # पांडव (1995) | # हम हैं बेमिसाल (1994) |
| # ज़ालिम (1994) | # ज़ख़्मी दिल (1994) |
| # नज़र के सामने (1994) | # सुहाग (1994) |
| # इकके पे इक्का (1994) | # अमानत (1994) |
| # मैं खिलाड़ी तू अनाडी (1994) | # मोहरा (1994) |
| # जय किशन (1994) | # यह दिल्लगी (1994) |
| # एलान (1994) | # सैनिक (1993) |
| # वक़्त हमारा है (1993) | # कयदा क़ानून (1993) |
| # दिल की बाज़ी (1993) | # अशांत (1993) |
| # दीदार (1992) | # खिलाड़ी (1992) |
| # मिस्टर. बॉन्ड (1992) | # डांसर (1991) |
अक्षय कुमार
