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आरती - संकटमोचन हनुमानाष्टक

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श्री हनुमान

संकटमोचन हनुमानाष्टक

बाल समय रबि भक्षि लियो तब तीनहुँ लोक भयो अँधियारो।
ताहि सों त्रास भयो जग को यह संकट काहु सों जात न टारो।

आरती - श्री रामचन्द्र कृपालु भजु

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श्री राम

श्री रामचन्द्र कृपालु भजु

श्री रामचन्द्र कृपालु भजु मन हरण भवभय दारुणं |

आरती - श्रीरामरक्षास्तोत्र

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श्रीराम

श्रीरामरक्षास्तोत्र

अस्य श्रीरामरक्षास्तोत्रमन्त्रस्य बुधकौशिक ऋषिः।
श्री सीतारामचंद्रो देवता ।
अनुष्टुप्‌ छंदः। सीता शक्तिः। श्रीमान हनुमान्‌ कीलकम्‌ ।
श्री सीतारामचंद्रप्रीत्यर्थे रामरक्षास्तोत्रजपे विनियोगः ।

आरती - श्री हनुमान जी की आरती

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श्री हनुमान

श्री हनुमान जी की आरती

आरति कीजै हनुमान लला की .
दुष्ट दलन रघुनाथ कला की ..

आरती - श्री शनिदेवजी की आरती

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शनि देव

श्री शनिदेवजी की आरती

जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी ।
सूरज के पुत्र प्रभु छाया महतारी ॥

आरती - जय लक्ष्मीरमणा

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भगवन सत्य नारायण

श्री सत्यनारायण भगवान की आरती

जय लक्ष्मीरमणा, श्री जय लक्ष्मीरमणा ।
सत्यनारायण स्वामी, जनपातक हरणा ॥ ॐ जय…

रत्न जड़ित सिंहासन, अदभुत छवि राजे ।

आरती - आरती कुंजबिहारी की

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भगवन कृष्ण

श्री कुंजबिहारी जी की आरती

आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की ॥

गले में बैजंती माला, बजावै मुरली मधुर बाला ।
श्रवण में कुण्डल झलकाला, नंद के आनंद नंदलाला ।

आरती - जय संतोषी माता

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संतोषी माता

श्री संतोषी मां की आरती

जय संतोषी माता, मैया जय संतोषी माता ।
अपने सेवक जन को, सुख संपति दाता ॥ जय…

सुंदर चीर सुनहरी, मां धारण कीन्हो ।

आरती - जय पार्वती माता

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माता पार्वती

जय पार्वती माता

जय पार्वती माता, मैया जय पार्वती माता,
ब्रह्म सनातन देवी, शुभ फल की दाता ।
ॐ जय ……

अरिकुल पद्म विनासनि, जय सेवक त्राता,

आरती - मंगल भवन अमंगल हारी

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श्री राम

मंगल भवन अमंगल हारी

मंगल भवन अमंगल हारी
द्रवहु सुदसरथ अचर बिहारी
राम सिया राम सिया राम जय जय राम - २

आरती - जय शिव ओंकारा

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भगवन शिव

जय शिव ओंकारा

जय शिव ओंकारा, ॐ जय शिव ओंकारा ।
ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धांगी धारा ॥
ॐ जय
शिव ओंकारा

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