अगर आपको पता हो की आपकी जिंदगी कुछ ही दिनो/महीनो में ख़त्म होने वाली है तो आप अपनी बाकी जिंदगी कैसे बसर करेंगे? मरने के गम मे या फिर अपनी बाकी की जिंदगी हँसी खुशी बाँटने मे| फिल्म आशायें भी एक ऐसे ही व्यक्ति की जिंदगी पर रोशनी डालती है| हज़ारों करोड़ो दर्शकों के लिए ऐसे विषय पर बनी फिल्मों मे हृषिकेश मुखेर्जी की “आनंद” आज भी दिलों दिमाग़ पर है जहाँ राजेश काका अपने आखरी दिनो मे हर तरफ खुशी और प्यार बाँटने का बीड़ा उठा लेते है|
निर्देशक नागेश कुकुनूर ने समाज को एक संदेश भेजने की कोशिश की है पर कुछ ख़ास सफल नही हुए| उन्होने एक उदास करने वाली फिल्म बनाई है जिससे दर्शक आशावादी होने के बजाए निराश ज़्यादा होते है|
राहुल(जॉन इब्राहीम) एक आदतन जुआरी है जो अपनी प्रेमिका नफीसा(सोनल सहगल) के लिए अपनी जिंदगी की सारी पूंजी दाँव पर लगा सकता है| पर उसे एक बड़ा झटका तब लगता है जब उसे पता चलता है की उसे फेफड़ों(लंग) का कैंसर है और उसके पास जिंदगी के सिर्फ़ 3 महीने है|
राहुल अपनी जुए की कमाई नफीसा, जो अंत तक उसके साथ रहना चाहती है, को दे देता है पर राहुल खुद एक कल्याण केंद्र मे चला जाता है जहाँ उसके जैसे ही बीमार लोग रहते है और अपनी जिंदगी के आखरी दिन गुज़ार रहे है| वहाँ उसकी मुलाक़ात गिरीश कर्नद, जो अपनी आवाज़ खो चुका है, फ़रीदा जलाल, जो एक वैश्या है और एड्स से पीड़ित है, अनिता नायर जो कैंसर पीड़ित है, और अश्विन चिताले से होती है| उनके साथ रहते रहते राहुल सीखता है कि जिंदगी के आखरी दिन कैसे जिए जाने चाहिए|
फिल्म की कहानी अच्छी है पर बहुत धीरे चलती है जो दर्शकों को सिर्फ़ निराश करती है| नागेश के निर्देशन में कमी झलकती है जिसका असर फिल्म में दिखायी पड़ता है| अदाकारी की बात करें तो जॉन एबरहीम ने बेहतरीन किरदार निभाया है| सोनल सहगल का अभिनय ठीक ठाक है| अनिता नायर ने भी बहुत अच्छी अदाकारी करी है पर बाकी किरदारों के अभिनय का कुछ ख़ास असर नही पड़ता दिखाई दिया|
फिल्म के कुछ दृश्य फिल्म को खींचते नज़र आते है जैसे जॉन और सोनल के बीच के प्रेम दृश्य| फिल्म का संगीत कमजोर है, कोई आशा नहीं जगाता है।
कुल मिलकर कहना ग़लत नही होगा की “आशायें” से ज़्यादा आशायें नही है|
अंक: *1/2
| निर्देशक: | नागेश कुकुनूर |
| निर्माता: | परफेक्ट पिक्चर लिमिटेड |
| कलाकार: | जॉन इब्राहीम,सोनल सहगल, फरीदा जलाल |
| संवाद: | नागेश कुकुनूर |
| संगीत: | सलीम-सुलेमान |
| फिल्म रिलीज़: | 27 अगस्त, 2010 |
