अमीर लड़की और एक ग़रीब लड़के की प्रेम कहानी तो आपने काफ़ी बार देखी-सुनी होगी, लेकिन अगर यह लड़का देश के सबसे खूबसूरत लोगों में से हो, जिसने पहली नज़र में हज़ारो लाखों लड़कियों को अपना दीवाना बना दिया हो और जिसने ऐसे गाने गाए जो आपको भी थिरकने पर मजबूर कर दे, तो आप ऐसी फिल्म देखने क्यों नही जायेंगे|
मैं भी गया, और एक संतुष्ट दर्शक की तरह वापिस आया|
फिल्म की कहानी सोनिया और रोहित की है| सोनिया सक्सेना (अमीशा पटेल) एक बहुत अमीर व्यवसायी (अनुपम खेर) की बेटी है जो एक ग़रीब लड़के रोहित(हृतिक रोशन) से मिलती है और उसकी आवाज़ की कायल हो जाती है| सोनिया रोहित को अपने दोस्त के जहाज़ पर गाने के लिए बुलाती है और किसी तरह वो दोनो एक सुनसान से द्वीप पर पहुँच जाते है| यहाँ पर शुरुआती दोस्ती, नोक-झोक के बीच प्यार में बदल जाती है, लेकिन रोहित की ग़रीबी उनके प्यार को अंजाम पर पहुँचने नही देती| सोनिया के दोस्त रोहित का एल्बम बाज़ार में उतारते है जिससे वो अमीर हो जाए और उसकी कामयाबी के लिए एक शो रखते है| शो की शाम को जब रोहित अपने छोटे भाई से मिलने जा रहा होता है तो दो पुलिसवालों को एक खून करते देख लेता है जिस चक्कर में उसका भी कत्ल कर दिया जाता है, और सोनिया की हंसती खेलती ज़िंदगी में दुखों का तूफान आ जाता है|
दुख से बाहर निकालने के लिए सोनिया के पिता उससे न्यूज़ीलॅंड भेज देते है जहाँ उसकी मुलाकात राज चोपरा (हृतिक रोशन) से होती है| रोहित के हमशक्ल को देख पहले तो सोनिया अचंभित हो जाती है लेकिन सच्चाई का पता चलने के बाद वह वापिस भारत आजाती है| सोनिया के पीछे राज भी भारत आ जाता है| वापिस रोहित(राज) को देख रोहित के कातिल उसपर हमला करते है और सोनिया और राज को खुद तक पहुँचने का रास्ता दिखाते है|
फिल्मी दुनिया में अपने बेटे-बेटियों के लिए कई लोग खुद फिल्में बनाते है, उन्ही में से एक राकेश रोशन भी है| अपने अभिनय करियर के बाद राकेश रोशन ने निर्देशन की तरफ रुख़ किया| 'किशन कन्हैया', 'कोयला' और 'करण अर्जुन' जैसी कामयाब फिल्में बनाने के बाद, राकेश रोशन ने अपने बेटे हृतिक के लिए फिल्म बनाई 'कहो ना प्यार है' और उससे एक मजबूत अभिनेता की तरह लॉंच करने में सफल रहे है|
2000 में रिलीस हुई फिल्म 'कहो ना.. ' एक पूरी तरह मसाला हिन्दी फिल्म है| फिल्म में नये कलाकार अमीशा और हृतिक दोनो ने ही सराहनीय काम किया है| अमीशा पटेल जिन्होने अर्थशास्त्र की पढ़ाई की है किसी फिल्मी परिवार से नही आती है लेकिन पहली फिल्म के लिए उनका काम अच्छा है लेकिन फिल्म में दर्शक पूरी तरह से हृतिक के मोह में बँध जाते है| उनमें एक अच्छे अभिनेता के सभी गुण दिखयी पड़ते है, चाहे वो उनका अभिनय हो या नाच| 'एक पल का जीना' गाना युवाओं में एक आग की तरह फैल गया है और फराह ख़ान द्वारा दिए गये कदमों पर हर कोई नाच रहा है| फिल्म में लकी अली द्वारा गया गाना 'क्यू चलती है पवन' आपके अंदर के प्रेमी को जगा देती है| अपने लंबे फिल्मी करियर में पहली बार रोशन भाइयों को (राकेश रोशन और राजेश रोशन) को फ़िल्मफ़ेयर खिताब से नवाज़ा गया| उस साल इस फिल्म ने 8 पुरस्कार जीते| सबसे ज़्यादा पुरस्कार जीतने के लिए इस फिल्म का नाम 'लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रेकॉर्ड्स' में भी दर्ज हुआ है| 'कहो ना... ' वैसे तो कुछ नयी कहानी नही कहती है, लेकिन इसमें एक नयी युवा ताज़गी है जिससे आप ज़रूर पसंद करेंगे|
यह फिल्म देखने के बाद आप भी ज़रूर कह उठेंगे की हाँ आपको इस फिल्म से प्यार है| 'कहा ना प्यार है' |
गाने:
| दिल ने दिल | प्यार की कश्ती में | ना तुम जानो ना हम | कहो ना प्यार है | एक पल का जीना | जानेमन जानेमन | चाँद सितारे |
अंक: ***1/2
| निर्देशक | राकेश रोशन |
| निर्माता | राकेश रोशन |
| कलाकार | हृतिक रोशन, अमीशा पटेल, अनुपम खेर, दिलीप ताहील, मोहनीश बहाल, सतीश शाह, फ़रीदा जलाल |
| संगीत | राजेश रोशन |
| कहानी | राकेश रोशन |
| डायलाग | सागर सरहदी |
| तारीख | 14 जनवरी 2000 |
