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पति पत्नी और वो (Pati Patni Aur Woh Movie)

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पति पत्नी और वो

पति पत्नी और वो बी.आर. चोपड़ा द्वारा निर्देशित हिंदी फिल्म है| फिल्म के मुख्य कलाकार संजीव कुमार, रंजीता, विद्या सिन्हा हैं| फिल्म में संगीत रविन्द्र जैन जी ने दिया है|

पति पत्नी और वो जैसा कि नाम से स्पष्ट है, विवाहेतर संबंधों पर आधारित फिल्म है,जिसमें ये दिखाया गया है कि एक  सुन्दर, समर्पित प्रेम करने वाली पत्नी के साथ सुखमय वैवाहिक जीवन व्यतीत करते हुए भी पुरुष दूसरी नारी के आकर्षण में बंधता है|

1978 की यह फिल्म बी आर चोपड़ा द्वारा निर्देशित मनोरंजक हास्य फिल्म है,जिसमें रणजीत चड्ढा (संजीव कुमार) पत्नी शारदा (विद्या सिन्हा) के साथ सुखी वैवाहिक जीवन जी रहा है| रणजीत ऩे शारदा से प्रेम विवाह किया है|एक प्यारा सा बेटा, हँसता-खेलता परिवार सभी कुछ है उसके पास| संजीव कुमार के ऑफिस में उसकी सेक्रेटरी निर्मला देशपांडे( रंजीता) अपने प्रोफेशन के अनुरूप आधुनिक वस्त्र पहनती है तथा खुले विचारों की लडकी है| संजीव कुमार उसके आधुनिक रहन-सहन से प्रभावित है तथा उसको भावनात्मक ब्लेकमेल करता है| रणजीत चड्ढा निर्मला को अपनी पत्नी की झूठी बीमारी की कहानी सुनाकर कर उसके साथ मौज मस्ती करने के लिए यह नाटक रचता है|रंजीता एक तो बॉस और  पत्नी की बीमारी से दुखी मानकर उसके प्रेम में बंध जाती है रणजीत पत्नी की मृत्यु के बाद उससे शादी का वादा भी करता है|

पति पर पूर्ण विश्वास रखने वाली शारदा जब एक दिन पति के रुमाल पर लिपस्टिक का दाग देख कर चौंक जाती है,और उससे पूछती है,तो रणजीत उसको मूर्ख बना देता है| सरल स्वभाव वाली शारदा उसका विश्वास कर लेती है| क्या रणजीत की पोल खुलेगी, यदि हाँ तो कैसे? यही फिल्म का रोचक पक्ष है| क्या रणजीत सुधर जाता है, इस घटनाक्रम के बाद?

फिल्म के कुछ दृश्य बहुत ही मनोरंजक हैं जिसमें निर्मला  को  इमोशनल  ब्लेकमेल करते हुए रणजीत की नाटकीयता ,दूसरी ओर पत्नी को अपने विश्वास में रखना| झूठ पर झूठ बोलना | घर से निकलते समय पत्नी से कोट के बटन बंद करवाना, एक और नाटक| इसी प्रकार अनेक मौकों पर झूठ पकडे जाने पर बात को सम्भालना आदि|

अभिनय के दृष्टिकोण से संजीव कुमार ऩे अपनी भूमिका का निर्वाह अपने अंदाज़ में बहुत अच्छे ढंग से किया है| विद्या सिन्हा एक सीधी घरेलू समर्पित पत्नी के रोल में अपनी अभिनय कुशलता का प्रमाण देती हैं| रंजीता का काम भी अच्छा है| अथिति कलाकारों  के रूप में ऋषि कपूर,परवीन बोबी हैं| शेष सभी कलाकारों के लिए कुछ विशेष करने को नहीं है|

फिल्म में संगीत कुशल संगीतज्ञ रविन्द्र जैन का है और गीत आनंद बक्शी के हैं| प्रमुख गीतों में

ठन्डे ठन्डे पानी से नहाना चाहिए       आशा भोंसलें,पूर्णिमा और महेंद्र कपूर 

लडकी सायकिल वाली                      आशा भोंसलें,महेंद्र कपूर

न आज  था न कल था                       किशोर कुमार 

तेरे नाम तेरे नाम तेरे नाम                महेंद्र कपूर 

बी.आर चोपड़ा की एक मात्र कोमेडी फिल्म है| पति पत्नी और वो| फिल्म मनोरंजक है| लोकप्रिय भी रही है| गानों में ठन्डे ठन्डे पानी से काफी लोकप्रिय रहा है|

फिल्म समाज को कोई अच्छा सन्देश नहीं देती परन्तु बॉक्स ऑफिस के दृष्टिकोण से सफल कोमेडी फिल्म है| सस्ते बज़ट छोटी लोकेशन में बनी सफल फिल्म| फिल्म का एक रोचक पहलू यह भी है कि इस फिल्म को संजीव कुमार तथा विद्या सिन्हा ऩे एक  महीने के समय में पूरा कर दिया था

अंक:***


निर्देशक बी.आर. चोपड़ा
निर्माता  बी.आर. चोपड़ा
कहानी  बी.आर. चोपड़ा
संगीत रविन्द्र जैन
कलाकार   संजीव कुमार, रंजीता, विद्या सिन्हा
फिल्म रिलीज़ 7 जुलाई, 1978

 

 

 

 

 

 

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