भारत कुमार के नाम से जाने जाने वाले मनोज कुमार, देशभक्ति के विचारों से ओतप्रोत फिल्म निर्माण के लिए विख्यात हैं| देशप्रेम की फिल्मों के लिए मनोज कुमार का नाम सर्वप्रथम आता है| राष्ट्रवादी फ़िल्मो की कड़ी में उपकार उनकी पहली निर्देशित फिल्म थीइस फिल्म में प्राच्य व पाश्चात्य मूल्यों के अंतर को खूबसूरत ढंग से उकेरा है|
फिल्म की कहानी राधा (कामिनी कौशल)और उसके दो पुत्रों भारत(मनोज कुमार) व पूरण(प्रेम चोपड़ा) की कहानी है| राधा ग्रामीण महिला है जो अपने परिवार को खुशहाल देखना चाहती है| उसकी इच्छा अपने पुत्रों को पढ़ा-लिखा कर बड़ा आदमी बनाने की है| परन्तु उसकी सामर्थ्य दोनों की पढाई का भार वहन करने की नहीं है| भारत स्वेच्छा से यह त्याग करता है तथा पूरण को पढने के लिए विदेश भेज दिया जाता है| पूरण जब शिक्षा पूरी करके वापस आता है तो उस पर आराम की जिन्दगी जीने का भूत सवार है और इसके लिए वह किसी भी हद तक जा सकता है|
इस परिवार में फूट डालने का कार्य करता है चरणदास(मदन पुरी) जिसने इनके पिता को मारा था | चरणदास पूरण के कान भरता है तथा उसको प्रोपर्टी के बंटवारे के लिए उकसाता है| पूरण जो स्वयं ही स्वार्थ का पुतला है यही धुन पकड़ लेता है| भारत स्वेच्छा से सभी सम्पत्ति छोड़ कर भारत-पाक युद्ध में लड़ने जाता है| जबकि पूरण एक ओर तो दवाओं की कालाबाजारी तथा तस्करी का धंधा करता है और दूसरी ओर काला बाजारी कर गाँव वालो को मूर्ख बनाता है
चरणदास भारत को मारने का षड्यंत्र यहाँ भी रचता है ,परन्तु (मलंग) विकलांग प्राण उसको बचा लेता है यहाँ पर घायल प्राण को बचाने में डॉ कविता(आशा पारेख) महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है| उधर पूरण को भी गिरफ्तार कर लिया जाता है| उसको अपनी गलती का अहसास होता है और वह तस्करों को नष्ट करने में सरकार की सहायता करता है|
आम फिल्मों से हट कर बनाई गयी इस फिल्म में भारत कुमार ने जय जवान-जय किसान को सुंदर ढंग से प्रस्तुत किया | फिल्म में जहाँ खेतों के दृश्यों को ख़ूबसूरती से फिल्माया गया है,वही सीमा पर युद्ध का प्रदर्शन भी उम्दा है| सभी पात्रों का मंजा हुआ`अभिनय फिल्म को प्रमुख फिल्मों की श्रेणी में रखता है| मनोज कुमार,प्रेम चोपड़ा दोनों अपनी भूमिका का कुशलता पूर्वक निर्वाह करते हैं| प्राण व कामिनी कौशल ने लीग से हट कर सकारात्मक रोल किया है| अन्य पात्रों में भी आशा पारेख खूबसूरत लगीं हैं और उनका अभिनय भी अच्छा है|
फिल्म का संगीत बहुत ही प्रशंसा बटोरने सफल रहा है| प्रमुख गीत हैं,-
(1) मेरे देश की धरती: गायक महेंद्र कपूर,(गीत )गुलशन वाबरा|
(2)कसमे वादे प्यार वफ़ा सब: गायक मन्ना डे(,गीत) (इन्दीवर)
(3) दीवानों से ये मत पूछो: गायक -मुकेश,(गीत) कमर जलालाबादी
(4) आई झूमके बसंत: गायक आशा भोंसले,महेंद्र कपूर,मन्ना डे| (गीत) प्रेम धवन
(5)गुलाबी रात गुलाबी: गायक आशाः भोंसले,मोहम्मद रफ़ी,(गीत) इन्दीवर
(6) हर खुशी हो वहां: गायिका लता मंगेशकर,(गीत) गुलशन वाबरा|
फिल्म बहुत सारी श्रेणियों के लिए नामित हुई| सवश्रेष्ठ कहानी,निर्देशन,सर्वश्रेष्ठ अभिनय संवाद मनोज कुमार
गीत मेरे देश की धरती के गायन के लिए महेंद्र कपूर,तथा गीत के लिए गुलशन वाबरा| को नामित किया गया|
द्वितीय श्रेष्ठ राष्ट्रीय फिल्म 1969 का पुरस्कार फिल्म को मिला|
सभी दृष्टि से इस फिल्म को आज भी सराह जाता है| गीत तो प्राय विशेष अवसरों पर प्रमुख रूप से सुने जा सकते हैं| "कसमे वादे प्यार वफ़ा सब "आज भी गायकों की पसंद का गीत है|
फिल्म के प्रसिद्ध होने का कारण देश का उस समय दो दो युद्धों की परिस्तिथियों से गुजरना भी था| फिल्म में प्रेम दृश्यों को कोई विशेष महत्त्व नहीं दिया जा सका| कुछ स्थानों पर फिल्म की गति थोड़ी सी बढाई जा सकती थी| | संभवतः फिल्म की पृष्ठभूमि को देखते हुए ही ऐसा किया गया है|
अंक: ***1/2
| निर्देशक: | मनोज कुमार |
| निर्माता: | हरकिशन मीरचंदानी |
| लेखक: | मनोज कुमार |
| कलाकार: | मनोज कुमार, प्रेम चोपड़ा, आशा पारेख, प्राण |
| संगीत: | कल्यानजी आनंदजी |
| फिल्म रिलीज़: | 1967 |
