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60 दशक

मुगल-ए-आज़म (Mughal-E-Azam Movie)

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मुगल-ए-आज़मआज कहेंगे दिल का फसाना, जान भी ले ले चाहे ज़माना
मौत वही जो दुनिया देखे घुट घुट कर यूँ मरना क्या,
जब प्यार किया तो डरना क्या...


इस गाने की पंक्तियाँ सुनते ही महान क्लासिक फिल्म मुगल-ए-आज़म की याद आ जाती है जो वक़्त के बंधन से परे आज भी बॉलीवुड के लिए ऐतिहासिक महत्व रखता है| भव्यता, खूबसूरती और संवेदनशीलता से लबरेज़ इस फिल्म का हरेक दृश्य सागर में समाई उन बूँदों की तरह है जिनमें समृद्ध भारतीय सिनेमा की आत्मा दिखती है | फिल्म देखते समय इसकी मुगलोंवाली शानो-शौकत, बेहतरीन लेखन पक्ष एवं बेमिसाल अदाकारी नज़र आती है लेकिन इसकी पृष्ठभूमि में निर्माता निर्देशक के.आशिफ की वर्षों की तपस्या और समर्पण रची बसी है |

संगम (Sangam Movie)

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संगम

संगम राज कपूर द्वारा निर्देशित हिंदी फिल्म है| फिल्म के मुख्य कलाकार राज कपूर, व्य्जयन्तिमाला, राजेन्द्र कुमार हैं| फिल्म में संगीत शंकर जयकिशन जी ने दिया है|

दिल के नाज़ुक से ज़ज्बात और खास भावनाओं की अनुभूति प्रेम है जिसे पाने की खुशी हो या खोने का गम, इसे त्रिकोणीय कथानक के माध्यम से जिस तरह राज कपूर ने अपनी फिल्म संगम में अभिव्यक्त किया, वह आज भी एक मिसाल है| पति पत्नी और दोस्त जैसे संबंधों के अनछुए पहलू का भावनात्मक चित्रण इस फिल्म को एक संपूर्णता दे गया जिसके कारण 47 वर्ष पूर्व निर्मित यह फिल्म आर.के.प्रोडक्शन की एक क्लासिक कृति बन गई| संगम राज कपूर की पहली रंगीन फिल्म थी जिसके खूबसूरत कलाकार, सुहावने गाने एवं यूरोप के मनोहारी लोकेशंस ने दर्शकों की आँखों के साथ-साथ दिमाग़ को भी चकाचौंध कर दिया|

सरस्वतीचंद्र (Saraswati chandra Movie)

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सरस्वतीचंद्र

20वी सदी के प्रारम्भिक वर्षों के प्रसिद्ध गुजराती लेखक गोविन्द राम माधव राम त्रिपाठी के प्रसिद्ध उपन्यास " सरस्वतीचन्द्र" पर आधारित फिल्म जगत की अंतिम श्वेत-श्याम फिल्म "सरस्वतीचंद्र" गोविन्द सरईया द्वारा निर्देशित है , 60 के दशक के जाने-माने निर्देशक थे गोविन्द| कहानी का ताना बाना तत्कालीन सामजिक व पारिवारिक परम्पराओं के इर्द गिर्द बुना गया है, वास्तव   में यह संक्रमण काल था जब पुराने मूल्यों के साथ नवीन मूल्यों को छुट-पुट रूप में समाज में अपनाया जा रहा था|

शक्ति (Shakti Movie)

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शक्ति

शक्ति रमेश सिप्पी द्वारा निर्देशित हिंदी फिल्म है| फिल्म के मुख्य कलाकार दिलीप कुमार, अमिताभ बच्चन, राखी, समिता पाटिल, अमरीश पूरी हैं| फिल्म में संगीत आर.डी. बर्मन जी ने दिया है|

अश्विन कुमार एक इमानदार पुलिस ऑफिसर थे| अश्विन का पोता भी उन्ही के लक्ष्य क़दमों पर चलता है लेकिन अश्विन को लगता है कि उनके पोते ने ये फैसला भावनाओं में बहकर लिया है बिना ये समझे कि कितनी ही उलझनों का सामना करना पड़ता है| अपने पोते को चेतावनी देने के लिए और इस पेशे की कठीनाईयों के बारे में बताने के लिए अश्विन अपने पोते को अपने जीवन की कहानी सुनाता है|

तीसरी मंजिल (Teesri Manzil Movie)

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तीसरी मंजिल

तीसरी मंजिल विजय आनंद द्वारा निर्देशित हिंदी फिल्म है| फिल्म के मुख्य कलाकार शम्मी कपूर, आशा पारेख, हेलेन, प्रेमनाथ, प्रेम चोपड़ा हैं| फिल्म में संगीत आर.डी. बर्मन जी ने दिया है|

अनिल कुमार  संगीतकार है जो होटल के 'रोकी' नामक मंच पर काम करता है| एक दिन रात में वह एक लड़की रूपा को होटल की तीसरी मंजिल से कूदते हुए देखता है| रूपा की छोटी बहन सुनीता को लगता है कि उसकी बहन ने रोकी नाम के लड़के के साथ अपने खराब सम्बन्ध होने की वजह से आत्महत्या की है और वो रोकी से अपनी बहन की मौत का बदला लेने का फैसला करती है| सुनीता और अनिल को प्यार हो जाता है लेकिन वह असमंजस में है कि वह सुनीता को कैसे बताये कि वही रोकी है|

गाईड (Guide Movie)

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गाईड1965 ई. में बनी यह महान फिल्म विजय आनंद द्वारा निर्देशित थी| यहफिल्म आर.के. नारायण की प्रसिद्ध उपन्यास 'द गाइड" पर आधारित थी| इस फिल्म के कलाकारों का अभिनय, विजय आनंद की पटकथा एवं निर्देशन और सचिन देव वर्मन का संगीत-ये तीनों पक्ष इस फिल्म को मिल का पत्थर बनाने में मुख्य वजह बने | यही कारण है कि रिलीज़ के 42 वर्षों बाद भी यह फिल्म 2007 के कान्स फिल्म समारोह में दिखाई गई|

इश्क पर जोर नहीं (Ishq Par Jor Nahin Movie)

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इश्क पर जोर नहीं

इश्क पर जोर नहीं रमेश सैगल द्वारा निर्देशित 1970 में बनी हिंदी फिल्म है| फिल्म के मुख्य कलाकार धर्मेन्द्र, साधना, बिस्वजीत, हेलेन हैं| फिल्म में संगीत एस.डी. बर्मन जी ने दिया है|

अमर दोरैस्वामी अपने करोड़पति पिता का इकलौता बेटा है जो गोवा में अपनी पत्नी के साथ रहता है| अमर अपने एक ख़ास और गरीब दोस्त राम को अपने पिता जी से मिलवाता है|

मन की आँखें (Man Ki Ankhen Movie)

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मन की आँखें

मन की आँखें रघुनाथ झलानी द्वारा निर्देशित सन 1970 में बनी हिंदी फिल्म है| फिल्म के मुख्य कलाकार धर्मेन्द्र, वहीदा रहमान हैं| फिल्म में संगीत लक्ष्मीकांत प्यारेलाल जी ने दिया है| 

कई  वर्षों से दिल्ली में अध्यापक की नौकरी करने के बाद दीनानाथ अपनी ज़िन्दगी के बाकि के दिन गाँव में बिताना चाहते हैं| उनका वेतन ही उनका जीवननिर्वाह है जिसपर दीनानाथ, उसकी पत्नी और बेटी गीता(वहीदा रहमान) आश्रित हैं|

हीर राँझा (Heer Ranjha Movie)

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हीर राँझा हीर राँझा चेतन आनंद द्वारा निर्देशित सन 1970 में बनी हिंदी फिल्म है| फिल्म के मुख्य कलाकार राज कुमार, प्रिया राजवंश,प्राण, पृथ्वीराज कपूर, अजित, जयंत, सोनिया साहनी, कामिनी कौशल, इन्द्राणी मुखर्जी, अचला सचदेव, टुनटुन हैं| फिल्म में संगीत मदन मोहन जी ने दिया है| 

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