भारत में दान-दक्षिणा वैसे भी पुण्य का काम माना गया है और ऐसा दान जिससे एक जान दुनिया में आ रही हो और दस जानो को सुकून मिल रहा हो, उसके अच्छे या बुरे होने में ज्यादा बहस नहीं होना चाहिए। वैसे अब आप को ये सुन कर अपने दिमाग में ज्यादा जोर नहीं देना चाहिए क्युकी तनाव वैसे भी स्पर्म-काउंट के लिए ठीक नहीं है, क्युकी विकी-डोनर मूलतः एक प्रेम कहानी है और इस फिल्म के माध्यम से (क्युकी सभी भावनाए और संवेदनाए स्कूल कि किताबो में नहीं पढायी जा सकती।) आप को एक ऐसे विषय (स्पर्म-डोनेशन) के बारे में पता चलेगा जो कई परिवारों को नयी जिंदगी देता है।
10 दशक
विक्की-डोनर (Vicky Donor Hindi Movie)
एजेंट विनोद (Agent Vinod Movie)
जिन फिल्मों को हम देखकर बड़े होते हैं, उनमे से अपनी पसंदीदा फिल्मों को अपने तरीके से बनाने का अवसर हर निर्माता-निर्देशक चाहता है। फिर चाहे वो आपका पसंदीदा कलाकार हो, कहानी हो या हो कोई फिल्म।1978 में इसी नाम से प्रदर्शित इस फिल्म को लिखने के पीछे निर्देशक श्रीराम राघवन कि ललक को समझा जा सकता है। और दर्शकों को ललक है एक अदद भारतीय जासूस कि।
कहानी (Kahaani Hindi Movie)
हिंदुस्तान में सैकड़ों ऐसे शहर हैं जिनका अपना रवैय्या ही किसी कहानी से कम नहीं है, जरूरत है तो बस इस बात की, कि आप उस शहर का अपनी कहानी में कैसे उपयोग करते हैं। फिल्म कहानी कि कहानी में कलकत्ता भी एक कहानी है।
विद्या बागची (विद्या बालन) जो एक गर्भवती महिला हैं, इंग्लैंड से कलकत्ता अपने पति को ढूँढने आती है। उनकी इस खोज में राना (परम्ब्रता चट्टोपाध्याय) जो एक पुलिस सब-इन्स्पेक्टर हैं उनकी मदद करते हैं। फिल्म कि कहानी में जरा भी खुलासा करना फिल्म देखने वालों के मज़े को किरकिरा करना होगा, इसलिए बस इतना ही कहा जा सकता है कि कलकत्ता में विद्या को ये पता चलता है कि उसके पति के शक्ल का एक व्यक्ति और है और वो भी लापता है। अब इस खोज में आप भी शामिल हैं।
एक दीवाना था (Ek Deewana Tha Movie)
‘एक मैं और एक तू’के बाद 'एक दीवाना था' वेलेंटाइन वीक मे प्रदर्शित दूसरी रोमांटिक फिल्म है जिसकी तमिल और तेलुगु वर्ज़न पहले ही सफलता का स्वाद ले चुकी है| निर्देशक गौतम मेनन ने खूबसूरत सी प्रेम कहानी मे एक ताज़गी दिखाने की कोशिश तो की पर वह अपनी बात रखने में सफल नही हो पाए |
कहानी का नायक है सचिन (प्रतीक बब्बर), जिसने हाल ही में एंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की है पर उसकी रूचि फिल्म निर्माण में ज़्यादा है |सचिन का परिवार जुहू में एक किराए के मकान में रहने आता है | वहाँ मकान मलिक की बेटी जेस्सी (एमी जेक्सन) को देखते ही सचिन को पहली नज़र का प्यार हो जाता है|
एक मैं और एक तू (Ek Main Aur Ek Tu Movie)
'लव इज इन द एयर' और वेलेंटाइन डे के ऐसे उत्साह के बीच अगर कोई फिल्म रिलीज़ होती है तो दर्शकों की अपेक्षाएं उस फिल्म के साथ पहले ही जुड़ जाती हैं| 'एक मैं और एक तू' वेलेंटाइन डे के उत्साह को साझा तो करती है लेकिन हँसी ठिठोली के साथ ! यहाँ प्यार का एक दूसरा रोमांचक पहलू भी नज़र आता है|
फिल्म की पूरी कहानी उन स्थितियों पर टिकी है जब नायक नायिका की अचानक से शादी हो जाती है और इसके बाद की परिस्थितियाँ फिल्म की कहानी मे सभी चटपटे मसालों का स्वाद भर देते हैं ! यह फिल्म करीना -इमरान जोड़ी की पहली फिल्म है ,साथ ही यह शकुन बत्रा के निर्देशकिन पारी की शुरुआत भी है |
अग्निपथ (Agneepath Movie)
हिंदी सिनेमा में एक विशेष दर्शक वर्ग को केंद्रित कर फिल्में बनाना आजकल सबसे कम खतरे की बात है। फिर वो दबंग हो या सिंघम हो या जिंदगी ना मिलेगी दुबारा हो। लेकिन इस तरह की फिल्मों के साथ शायद मुसीबत ये है की ये आधे दर्शकों को आकाश की ऊंचाईयों पर लगती है तो आधे को कीचड में पड़ी बिलबिलाती लगती हैं। लेकिन इन देसी और डालर सिनेमा से हट के भी फ़िल्में हैं जो सभी दर्शक वर्गों में देखी और पसंद की जाती है। अग्निपथ इसी श्रेणी की फिल्म है।
धर्मा प्रोडक्शन की ये फिल्म अग्निपथ उनकी अपनी ही, इसी नाम से बनाई गयी फिल्म की रीमेक है जी 1990 में प्रदर्शित हुए थी। अग्निपथ (1990) ने पिछले 20 सालो में काफी नाम कमाया और यही नहीं अमिताभ बच्चन जो इस फिल्म के मुख्य पात्र थे उन्हें इस फिल्म के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार से भी नवाजा गया, लेकिन अमिताभ बच्चन के जीवन के मील का पथ्थर साबित होने वाली फिल्म के साथ शायद यही एक मात्र बुरी बात जुडी हुए है, वो ये की ये फिल्म बेहद असफल रही और अपनी लागत भी न निकाल पायी।
प्लेयर्स (Players Movie)

आमतौर पर निर्देशकद्वय अब्बास मस्तान रहस्य रोमांचक फिल्मों के लिए जाने जाते है जिसकी ख़ासियत कर्णप्रिय संगीत एवं खूबसूरत कलाकारों का जमावड़ा होता है पर साथ ही यह भी सही है कि इनकी फिल्में हमेशा किसी न किसी हॉलीवुड फिल्म से प्रेरित कही जाती हैं| निर्देशकद्वय की ताजी फिल्म प्लेयर्स में पिछली फिल्मों की ख़ासियतों के साथ एक और खास बात यह रही कि इसके साथ हॉलीवुड की एक नामी गिरामी फिल्म का रीमेक अधिकार भी था|
यह फिल्म थी सन 1969 एवं 2003 में दुबारा निर्मित हॉलीवुड फिल्म 'द इटालियन जॉब'| फिल्म प्लेयर्स पर इसका रंग पूरी तरह चढ़ा हुआ है लेकिन विशुद्ध देशी लहजे के साथ | अभिषेक बच्चन के शब्दों में इस फिल्म को 'द इंडियन जॉब' कहा जा सकता है |
डॉन-2 (Don-2 Movie)
सिंहासन का हिलना और बादशाहत का खत्म हो जाना दो अलग अलग बातें हैं, इस लिहाज़ से शाहरुख खान आज भी हिंदी फिल्मोंके बादशाह हैं लेकिन उनको एक बात समझनी होगी किबादशाहत को कायम रखने के लिए सिंहासन को मज़बूत किये जाने का वक्त आ चुका है|
फरहान अख्तर द्वारा 5 साल के बाद निर्देशित फिल्म डॉन प्रदर्शित हो चुकी है| जिसमे डॉन की (शाहरुख खान) नज़र अब यूरोप में अपनी धाक जमाने की है और इस सिलसिले में वो जर्मनी का एक बैंक लूटना चाहता हैं| लेकिन यूरोपीय माफिया के लोग डॉन को जान से मारना चाहते हैं, दूसरी तरफ इंटरपोल भी डॉन के पीछे है|
द डर्टी पिक्चर (The Dirty Picture Movie)
फिल्म निर्माताओं का एक वर्ग आज भी इस बात पर पूरी तरह विश्वास करता है की इन्टरटेनमेंट के सिर्फ तीन ही मतलब हो सकते हैं - सेक्स सेक्स और सिर्फ सेक्स। और उनका मानना है की अगर जेब में पैसे ठूसने हों तो कहानी में सेक्स ठूसने के बजाये अब सेक्स में कहानी ठूसो । इस लिहाज़ से सिल्क स्मिता की कहानी का चुनाव न सिर्फ एक बेहतरीन व्यावसायिक कदम है बल्कि ये फिल्म निर्माताओं को पूरी छूट देता है की फिल्म की हीरोइन को दिखाने के लिए उसके चहरे को दूसरे नंबर पर रखा जाए ।
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11 नवम्बर)

(30 सितम्बर)



















