करण जोहर की “वी आर फॅमिली” क्रिस्टोफर कलमबस की हॉलीवुड फिल्म स्टेप्मम(1998) से प्रेरित है जो की बहुत से लोगों ने देख ही रखी होगी| जिन्होने नही भी देखी उन्हे भी ये फिल्म देखी हुई सी लगेगी| “वी आर फॅमिली” राजश्री फिल्मों की पारिवारिक फिल्मों की याद दिलाती है पर इसमे करण जोहर का तड़का लगा हुआ है| अपनी फिल्मों की भव्य सेट्टिंग, कपड़ों और लोकेशन के लिए जाने जाने वाले करण ने इस फिल्म में भी कुछ वैसा ही लुक दिया है|
फिल्म की कहानी एक बीमार महिला के जीवन को दर्शाती है जिसे अपने मरने उपरांत अपने बच्चों को सौतेली मा के भरोसे छोड़ना है| फिल्म की कहानी थोड़ा उदास करने वाली है पर नवोनित निर्देशक सिधार्थ मल्होत्रा ने इसे बेहतरीन ढंग से पेश किया है जिससे दर्शक भावुक होते हुए भी फिल्म से जुड़ पाते है|
माया(काजोल) और अमन(अर्जुन रामपाल) एक तलाक़शुदा जोड़ा है जो साथ मे अपने तीन बच्चों, आलिया,अंकुश और अंजलि, की देख रेख करते है| कहानी मे मोड़ तब आता है जब अमन अपनी प्रेमिका श्रेया(करीना कपूर) को इस परिवार का हिस्सा बनाना की कोशिश करता है| पर माया एक लाइलाज़ बीमारी का शिकार हो जाती है और श्रेया और माया को एक ही छत के नीचे रहना पड़ता है| माया चाहती है की उसके मरने से पहले श्रेया उसके बच्चों से मेल जोल करले पर बच्चे श्रेया को अस्वीकार कर देते है और उससे नाखुश रहते है|
एक भावुक विषय पर होने की वजह से फिल्म की कहानी गंभीर लगती है पर निर्देशक सिधार्थ ने इसे बेहतरीन ढंग से संभाला है| दर्शकों के मन को हल्का रखने के लिए सिधार्थ ने हास्य का सफल इस्तेमाल किया है| फिल्म की पटकथा अच्छी है पर इसे “स्टेप्मम” से सीधे सीधे उठा लिया गया है| सिधार्थ यहाँ पर अपनी रचनात्मकता का उदाहरण दे सकते थे|
फिल्म मे जहाँ करीना अपने अभिनय से अदाओं पर ज़्यादा ध्यान देती है वही काजोल एक सीधी साधी मा का किरदार निभाती है| उनका अभिनय परिपक्व और सबसे अच्छा रहा| अर्जुन रामपाल ने अच्छा अभिनय किया है और अपने किरदार के साथ न्याय करते दिखे| अपनी पिछली फिल्में, राजनीति, हाउसफुल और रोक्क ऑन की सफलता के बाद अब वे भी बॉलीवुड में अपनी छाप छोड़ने को तैयार है|
अंतराल से पहले फिल्म अच्छी गति से चलती है पर बाद मे बहुत धीरे हो जाती है और खींची हुई सी लगती है| करण जोहर की फिल्में अपने संगीत के लिए जानी जाती है पर इस फिल्म मे शंकर-एहसान-लॉय का संगीत बिल्कुल प्रभावहीन रहा|
निर्देशक सिद्धार्थ ने भावुक दृश्यों को शानदार तरीके से संभाला है| जहाँ उन्होने दो शीर्ष अभिनेत्रियों को थोड़े हटकर किरदार दिए है वही दोनो से उनका बेहतरीन प्रदर्शन करवाने मे भी सफल हुए है| मोहनन की सिनेकाला उम्दा है और लोकेशन फिल्म की लुक्स को बढ़ावा देती है| निरंजन के संवाद ठीक ठाक है|
कुल मिलकर सिधार्थ मल्होत्रा ने अपनी पहली ही फिल्म मे उम्दा निर्देशन किया है और फिल्म को परिवार के साथ एक बार ज़रूर देखा जा सकता है|
अंक : **1/2
| निर्देशक: | सिद्धार्थ मल्होत्रा |
| निर्माता: | धर्मा प्रोडक्शंस |
| कलाकार: | अर्जुन रामपाल, काजोल, करीना कपूर |
| संवाद: | निरंजन |
| संगीत: | शंकर-एहसान-लोय |
| फिल्म रिलीज़: | 2 सितम्बर,2010 |
