बॉलीवुड मे अक्सर जानी पहचानी प्रेम कहानियाँ सदियों से बनती आ रही है| सिद्धार्थ आनंद की अंजाना अंजानी भी उसी श्रेणी की फिल्म है पर थोड़ा हट के| फिल्म मे 2 अंजान लोग मिलते है, एक दूसरे से प्यार करने लगते है और कुछ पल बाद फिर अंजान हो जाते है| सिद्धार्थ आनंद ने एक प्रेम कहानी को नये तरीके से पेश करने का जोखिम उठाया है और उनके कलाकारों ने उनका भरपूर साथ दिया है|फिल्म 2 अंजान लोगो की कहानी है जो एक ही समय पर एक ही जगह आत्म हत्या करने आते है, प्यार मे गिरते है पर थोड़ी देर बाद फिर अंजान हो जाते है| अंजानो से प्रेमी से फिर अंजाने रिश्तो पर फिल्म है अजाना अंजानी|
कियारा(प्रियंका चोपड़ा) सेन फ्रॅनसिसको मे बसी है और आकाश(रणबीर कपूर) न्यू यॉर्क में| आकाश अपने असफल व्यापार से दुखी है और कियारा अपने असफल प्यार से| दोनो खुदखुशी करने का फ़ैसला करते है और इत्तेफ़ाक़ से एक ही समय पर एक पुल से छलाँग लगाने पहुँच जाते है| कहानी आगे बढ़ती है और दोनो 31 दिसंबर को अपनी जिंदगी ख़त्म करने का फ़ैसला करते है| अब दोनो के पास मरने से पहले 20 दिन है जिसमे वे अपनी आखरी ख्वाईशें पूरी करने का मन बनाते है|
निर्देशक सिद्धार्थ आनंद की ये चौथी फिल्म है पर उनके निर्देशन में अभी भी परिपक्वता नजर नहीं आती| उनकी फिल्म पर पकड़ ढीली है हालाँकि उन्होने कलाकारों से भी उम्दा काम करवाया है| फिल्म की पटकथा और संवाद भी फिल्म का एक कमज़ोर बिंदु है जो फिल्म को दिशाहीन करते नजर आये| जहाँ फिल्म का पहला भाग थोड़ा धीमा है वही असली मसाला दूसरे भाग के लिए रखा गया है| फिल्म के काफ़ी दृश्य आनंदित करते है जो दर्शकों को काफ़ी पसंद आएँगे| फिल्म के हंसते खेलते दृश्यों के बीच भावुक करने वाले पल भी है जब दोनो रणबीर और प्रियंका अपनी दुखभरी दास्तानें बयान करते है जो उनके आत्महत्या की वजह बनते है|
अभिनय की बात करें तो रणबीर और प्रियंका ने अपने फिल्मी पेशे का सबसे बेहतरीन काम किया है| जहाँ रणबीर एक परिपक्व अभिनेता नज़र आते है वही प्रियंका ने खुद को किरदार में खो दिया है| रणबीर के अभिनय मे हर फिल्म के साथ एक सुधार देखने को मिल रहा है और निसंदेह वो आज के सबसे बेहतरीन अभिनेताओं मे से है| रणबीर और प्रियंका की जोड़ी भी पर्दे पर उम्दा लगती है और फिल्म की कहानी पर चार चाँद लगा देती है|
विशाल-शेखर का संगीत औसतन है और दर्शकों को ज्यादा रिझा नहीं सके| उसके साथ सलीम सुलेयिमन का पृष्ठभूमि संगीत भी ठीक ठाक है| फिल्म के शूटिंग दृश्य अच्छे है और मनीष मल्होत्रा के परिधान भी|
फिल्म के कमजोर बिंदुओं की बात करें तो कहानी और पटकथा ही होगी जिसका आसानी से अंदाज़ा लगाया जा सकता है| संवादों को और बेहतर क्या जा सकता था| सिधार्थ की सड़क यात्रा में घुमाव बहुत कम है और जहाँ है उनका पूर्वानुमान लगाया जा सकता है| अंतराल से पहले कहानी थोड़ी धीरे रहती है पर बाद मे अच्छी गति पकड़ लेती है|
संपूर्ण मे कहे तो फिल्म रणबीर और प्रियंका के अभिनय के लिए एक बार ज़रूर देखी जा सकती है|
अंक :- **1/2
| निर्देशक: | सिद्धार्थ आनंद |
| निर्माता: | साजिद नाडियाडवाला |
| कलाकार: | रणबीर कपूर,प्रियंका चोपड़ा |
| संवाद: | सिद्धार्थ आनंद, अद्वैता कला |
| संगीत: | विशाल-शेखर |
| फिल्म रिलीज़: | 24 सितम्बर 2010 |
