
'हँसी मे छुपा दर्द
"लाइफ एक रेस है, तेज़ नहीं भागोगे तो कोई तुम्हे कुचल कर आगे निकल जाएगा|"
'कामयाब नही काबिल बनो', यही कहती है राजकुमार हिरानी की फिल्म ‘3 ईडियट्स’| निर्देशक हिरानी ने अपनी फिल्म से भारतीय शिक्षा प्रणाली की कमियों और उसकी वजह से विद्यार्थियों पर पढ़ रहे दवाबो को उजागर किया है| फिल्म रॅटटामार प्रणाली पर भी वयंग कास्ती है| और यह कहना ग़लत नही होगा की ‘3 ईडियट्स’ साल 2009 की सर्वश्रेष्ठ फिल्म है, जो अपनी दमदार कहानी और उससे भी दमदार विषय के कारण हिन्दी सिनिमा की बेहतरीन फ़िल्मो में से एक है| फिल्म लेखक चेतन भगत की आई. आई. टी. पर आधारित "5 पॉइंट सम्वन" से मिलती जुलती होने की वजह से विवादों मे भी रही|





'पल में हसाए और, पल में रुलाए यह कहानी'
यशराज बॅनर की ‘लफंगे परिंदे’ को निर्देशित किया है प्रदीप सरकार ने, जो इस फिल्म से बॉलीवुड मे अपनी तीसरी पारी खेल रहे है| इससे पहले सरकार ‘परिणीता’ और लागा चुनरी में दाग’ निर्देशित कर चुके है| हालाँकि 'परिणीता' से सरकार लोगों का दिल जीतने मे कामयाब हुए थे पर ‘लागा चुनरी में दाग’ से उन्होने दर्शकों को भी रोने पर मजबूर कर दिया था|





11 नवम्बर)

(30 सितम्बर)



















