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शाहरुख़ खान

शाहरुख़ खानजन्म तिथि:2 नवम्बर, 1965

जन्म नाम: शाहरुख़ खान

जन्म स्थान: नयी दिल्ली, इंडिया

परिवार:पत्नी:गौरी खान,बेटा:आर्यन खान ,बेटी:सुहाना खान

पहली फिल्म:दीवाना

धारावाहिक:फौजी,कौन बनेगा करोड़पति

कंपनी:रेड चिल्लिस एंटरटयनमेंट

उपनाम:बादशाह,एस.आर.के

धारावाहिक फौजी से अपने करियर की शुरुआत करने वाले शाहरुख़ खान आज करोड़ों नौजवानों के दिलों में बसते है| आमिर खान और सलमान खान के साथ वे बॉलीवुड के बादशाह जाने जाते है| शाहरुख़ ने दीवाना फिल्म से अपने अपने फ़िल्मी करियर की शुरुआत की और फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा| शाहरुख़ और काजोल की जोड़ी बहुत फिल्मों में आई और दर्शकों ने इसे बेहद पसंद किया| वे आदित्य चोप्रा की फिल्में बिना कहानी पढ़े करते है| वे अपना नाम शाहरुख़ के बजाय शाह रुख लिखना पसंद करते है|

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दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे

यश चोपरा निर्देशित दिलवाले दुल्हनिया ले जाएँगे हिन्दी सिनिमा के इतिहास मे सबसे सफलतम फिल्मों मे से एक है| बहुत कम ही ऐसा होता है की कोई फिल्म दर्शको को बहुत लंबे समय तक बाँधे रखती है और सिनिमा को एक नयी दिशा मे ले जाती है| इस फिल्म ने हिन्दी सिनिमा को एक नया आयाम दिया और आलम ये है क़ी 750 हफ्तों के बाद भी ये मुंबई के सिनिमा हॉल मे लगी हुई है जो की अपने आप में एक इतिहास है|

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दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे-हो गया

ना जाने मेरे (Na Jaane Mere)
 फिल्म - दिलवाले दुल्हनिया ले जाएँगे (Dilwale Dulhaniya Le Jaaenge)
गायक  -  लता मंगेशकर, कुमार सानु


ना जाने मेरे दिल को क्या हो गया
अभी तो यहीं था अभी खो गया

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करन-अर्जुन

राकेश रोशन के निर्देशन की यह विशिष्टता रही है कि वह फिल्मोद्योग में प्रचलित धाराओं से एक कदम आगे की फिल्में बनाते हैं | माँ की त्याग और महानता पर पहले भी कई सफल फिल्में बन चुकी हैं,  इस फिल्म में भी एक माँ के असीम धैर्य एवं संघर्ष को दिखाया गया है पर भूमिका ज़रा अलग है |इस फिल्म की माँ अपने दो युवा बेटों को खोने के बाद अपने विश्वास व दृढ़ संकल्प शक्ति के बूते प्रकृति का निर्णय अपने पक्ष में कर लेती है और उसके दोनों बेटे वापस आते हैं- पुनर्जन्म लेकर |माँ के अलावे इस फिल्म के लिए दो पर्याय शब्द चुनने हों तो पुनर्जन्म और बदला सटीक शब्द होंगे|

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परदेस - इ लव माय इंडिया

आई लव माई इंडिया (I Love My India)
   फिल्म -
परदेस (Pardes)
   संगीत - हरिहरन, शंकर महादेवन

(लंडन देखा
पॅरिस देखा) - 2
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चक दे

एक लंबे अरसे के बाद यश चोपड़ा की कोई फिल्म प्यार-मोहब्बत से हटकर है और दर्शकों को पसंद आई है| हॉकी की प्रष्‍ठभूमि मे बनी चक दे इंडिया मे शाहरुख़ खान ने अपनी रोमांटिक छवि से हटकर एक ऐसे हाकी कोच की भूमिका निभाई है जिसका एकमात्र लक्ष्य अपनी टीम को विश्व कप जिताना है| फिल्म हमे भारतीय हॉकी के वह सारे पहलू दिखाती है जिसके कारण वह अब रसातल मे जा रही है |

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kuch kuch hota haiइस फिल्म के द्वारा करण जोहर ने अपने निर्देशन करियर की शुरआत की और शाहरुख़ और काजोल की सफल जोड़ी को एक बार फिर दर्शकों के सामने रखा| लंबे समय से एक हिट की तलाश में चल रहे यश जोहर बॅनर को और खंडाला गर्ल रानी मुख़र्जी को इस फिल्म से बहुत उमीदें थी|मित्र आदित्या चोप्रा की तरह करन जोहर ने भी करियर की शुरआत एक प्रेम कथा से की|

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k3gजब एक ही फिल्म में करण जोहर जैसा दिग्गज निर्माता निर्देशक हो, पर्दे पर लोगों को बॉलीवुड के शहेंशाह अमिताभ बच्चन और बॉलीवुड के बादशाह शाहरुख़ खान एक साथ हो, शाहरुख़ काजोल की सफल जोड़ी हो तो सब दर्शक इस फिल्म से बॉक्स ऑफीस पर विस्फोट करने की उम्मीद रखते हैं| पूरी तरह तो नहीं लेकिन काफ़ी हद तक फिल्म दर्शकों की उम्मीदों पर खरी उतरी| यह फिल्म दर्शकों को हसती,रूलाती,उनके चेहरे पर मुस्कुराहट लाती है और आपको अपने माँ बाप के बारे में सोचने पर बार बार मजबूर करती है|

यशवर्धन रायचंद(अमिताभ बच्चन) शहर का अमीर, नामी और इज़्ज़तदार इंसान  है जिसके दो बेटे हैं राहुल(शाहरुख़ खान) और रोहन(हृतिक रोशन)| राहुल को यश और उसकी बीवी नंदिनी(जया बच्चन) ने बचपन में गोद लिया होता है और यश राहुल को पढ़ने के लिए विदेश भेज देता है| अपनी पढ़ाई पूरी करके जब राहुल घर लौटता है तो उसके पिता उसकी शादी अपने बेहद जिगरी दोस्त की बेटी नैना (रानी मुखेर्जी) से करना चाहते हैं| नैना भी राहुल से प्यार करती है| पर इसी बीच राहुल को किसी और लड़की से प्यार हो जाता है जो हैसियत के मुक़ाबले उनके आगे नही ठहरती| शाहरुख अपने पिता की मर्ज़ी के खिलाफ अंजलि(काजोल देवगन) से शादी कर लेता है| गुस्से मे आकर यश राहुल को अपनी जिंदगी से निकल देता है|

राहुल अपनी पत्नी के साथ विदेश जाकर अपनी नयी दुनिया बसा लेता है| उसे मलाल है की जिस पिता ने उसे बचपन मे गोद लेकर इस काबिल बनाया उसी पिता ने एक ही पल मे उसे बेगाना कर दिया| वहीं बड़े होने के बाद जब रोहन जो पढ़ाई के लिए बाहर गया हुया था और इन सब बातों से अंजान था उसे अपनी दादी से सारी कहानी का पता चलती हैं और वह अपनी दादी से वादा करता है की वह अपने भाई और भाभी को वापस लाकर अपना परिवार पूरा करेगा| रोहन अपने बड़े भाई की खोज में विदेश चला जाता है और वहाँ राहुल और अंजलि के घर किराए पर रहने लग जाता है लेकिन वह अपना नाम नहीं बताता| इस काम मे पूजा(करीना कपूर) उसकी मदद करती है जो अंजलि की छोटी बहन है और उसी कॉलेज मे पढ़ती है जिसमे रोहन पढ़ता है| रोहन अपने प्यार का फायदा उठाकर यश नंदिनी को भी लंदन बुलाकर उन्ह एक बार राहुल और अंजलि से मिलवाने की कोशिश करता है|

अब रोहन किस तरह राहुल और यश को फिर से एक करता है और किस तरह उनका परिवार पूरा होता है इस फिल्म का चरम है|

करण जोहर ने निर्देशन में अपना जादू बिखेरा है| अंजलि और उसके बेटे द्वारा राष्ट्रगान का दृश्य लोगों केk3g दिमाग़ में लंबे समय तक रहेगा| किरण जोएहाँ ने केमरा से अच्छा कम किया है और फिल्म में सभी कलाकारों के कपड़े और पहनावा उच्च कोटि का है| शर्मिशता रॉय द्वारा दिया गया तकनीकी पक्ष बहुत लाजवाब है|

शाहरुख़ खान और अमिताभ बच्चन दोनों ने बेहतरीन अभिनय किया है लेकिन जो दर्शक उन दोनों में मोहब्बतें वाली जोड़ी की आस लगाए बैठे थे उन्हें थोड़ी नाराज़गी होगी| हृतिक रोशन का  काम भी सराहनीय है| काजोल एक मस्त,खुशदील पर एक मुफ़त  पंजाबी लड़की के रोल में जची हैं| करण जोहर की बाकी फिल्मों की तरह इस फिल्म का संगीत भी दर्शकों को बेहद पसंद आया है और फिल्म मे जान फूंकता है| हर गाना एक से बढ़कर एक है और दर्शकाओं के जहाँ बैठ जाता है| कुल मिलकर पटकथा नयी ना होने के बावजूद भी अच्छे निर्देशन से फिल्म दर्शकों का दिल जीतने मे कामयाद रही|

गाने:

बोले चूड़ियाँ कभी खुशी कभी गम सूरज हुआ मद्धम से शावा शावा यह लड़की हाय अल्लाह दीवाना है देखो

 

निर्देशक करण जोहर
निर्माता यश जोहर, हीरु जोहर
कलाकार हृतिक रोशन, अमिताभ बच्चन, जया बच्चन, शाहरुख़ खान, काजोल देवगन, करीना कपूर, रानी मुखेर्जी, फ़रीदा जलाल, आलोक नाथ 
संगीत बबलू चाक्रोव्रती , संदीप शाँडिल्या
कहानी करण जोहर
तारीख 14 दिसंबर 2001

 

देवदासकितनी आसानी से गिनवा दिया की तुम्हे हर पल मेरी याद आती थी , मगर यह कभी नहीं सोचा की उन पलों में बीतता तो मैं ही था , दीया तुम जलाती थी लेकिन उस में जलता तो में ही था।

दिल को छू लेने वाले ये सवांद फिल्म देवदास के है,  देवदास जो की हर जवान दिल की हर प्यार करने वाले की अपनी कहानी कहती है। जो इस कहानी से रूबरू हो जाये वह इस में डूबता चला जाता है। देवदास महान उपन्यासकार शरत चन्द्र चट्टोपाध्याय के बंगाली उपन्यास पर आधारित है। इसका नायक देव (शाहरुख़ खान)  विदेश में पढ़ता है और नायिका पारो (ऐश्वर्या राय) उसके इंतज़ार में दिन काट रही है। दोनों बचपन से एक दूसरे को प्यार करते है, पारो बहुत ही खुबसूरत है और देव उससे बे-इन्तहा प्यार करता है मगर देव स्वभाव से बहुत गुस्से वाला है।

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