
ऐ मेरे वतन के लोगों (Ae mere watan ke logo)
गायक - लता मंगेशकर
ऐ मेरे वतन के लोगों तुम खूब लगा लो नारा
ये शुभ दिन है हम सब का लहरा लो तिरंगा प्यारा
पर मत भूलो सीमा पर वीरों ने है प्राण गँवाए
कुछ याद उन्हें भी कर लो जो लौट के घर ना आए
ऐ मेरे वतन के लोगों ज़रा आँख में भर लो पानी
जो शहीद हुए हैं उनकी ज़रा याद करो कुरबानी




क्या फ़र्क हैं 70 साल और 6 महीने में| मौत तो एक पल हैं बाबुमोशाय| आने वाले 6 महीनो में जो लाखो पल मैं जीने वाला हूँ उसका क्या होगा बाबुमोशाय| ज़िंदगी बड़ी होनी चाहिए लंबी नही| हद कर दी| मौत के डर से अगर जीना छोड़ दिया, तो मौत किसे कहते हैं| बाबुमोशाय जब तक ज़िंदा हूँ तब तक मरा नही, जब मर गया साला मैं ही नही तो फिर डर किस बात का| ए बाबुमोशाय अपनी ज़िंदगी बड़ी हैं, लेकिन वक़्त बहुत कम हैं इसलिए जल्दी जल्दी जीना पड़ता हैं|
वास्तविक जीवन में अपने परिवार के सम्पूर्ण कष्ट अपने प्राणों पर भी झेल कर अपना जीवन हँसते हँसते न्योछावर करने वाली नारी की गाथाएं बहुत सारी फिल्मों का प्रधान विषय रही हैं| महबूब खान की फिल्म "मदर इण्डिया" एक ऐसी ही महिला की कहानी है,जिसके संघर्ष तो इतने थे कि उनका अंत ही नहीं था ,परन्तु फिर भी वह अग्रसर थी अपने कर्तव्य पथ पर बिना अपने आदर्शों से कोई समझौता करे| कहा जाए तो स्वाधीनता के एक दशक बाद रिलीस हुई इस फिल्म में नरगिस दत्त का किरदार पूरे हिन्दुस्तान का प्रतीक था|
'आपके पावं देखे .. बहुत हसीन है, इन्हे ज़मीन पे मत उतारीएगा मैले हो जायेंगे'





11 नवम्बर)

(30 सितम्बर)



















