RSS

आप यहाँ है: मुख्यपृष्ठ फिल्म समीक्षा

फिल्म समीक्षा

डॉन (2006) (Don 2006 Movie)

( 1 Vote )
उपयोगकर्ता अंक: / 1
ख़राबश्रेष्ठ 

डॉन

फरहान अख़्तर निर्देशित डॉन फिल्म है शाहरुख़ खान के अभिनय की| ज़्यादातर प्यार-मोहब्बत पर अदाकारी करने वाले शाहरुख़ को एक बिल्कुल ही अलग और नये अंदाज़ मे देखा जा सकता है|शाहरुख़ के अभिनय ने फिल्म मे जान डाल दी है|चंदू बोरत की डॉन की रीमेक, फरहान अख़्तर की पुरानी डॉन से मिलती जुलती है पर फिल्म ने अपना अंदाज़ बरकरार रखा है|

जोधा अकबर (Jodha Akbar Movie)

( 2 Votes )
उपयोगकर्ता अंक: / 2
ख़राबश्रेष्ठ 

जोधा अकबर

सलीम अनारकली के प्यार के किस्से तो सबको बचपन से मालूम होते है पर निर्देशक आशुतोष गवरीकर ने इस फिल्म के मध्यम से आमेर की राजकुमारी जोधा बाई और मुगल शंहशाह अकबर की दास्तां पर रोशनी डाली है| भव्य सेट और करोड़ों की लागत से बनी इस फिल्म की तुलना मुगल ए आजम से की गयी है| आशुतोष और उनकी टीम ने इस फिल्म के लिए भरपूर मेहनत की थी| जहाँ हृतिक ने खुद हाथी से लड़ाई की थी वही ऐश्वर्या ने तलवारबाज़ी की ढेड महीने तालीम ली थी|

जाने कहा से आई है (Jaane Kaha Se Aayi Hai Movie)

( 0 Votes )

alt

नही चल पाया जादू

‘मस्ती’ और ‘हे बेबी’ जैसी सफल कॉमेडी फ़िल्मो से अपनी अभिनय की छाप छोड़ने वाले अभिनेता रितेश देशमुख अपनी नयी फिल्म ‘जाने कहा से आई है’ मे कुछ ख़ास नही कर पाए| रितेश देशमुख और जक्क़लीन फर्नॅंडेज़ की फिल्म दर्शको को हसाने मे असफल रही| निर्देशक मिलाप ज़वेरी की कहानी एक सपने के जैसी ही थी जिसे हजम कर पाना मुस्क़िल था|

जंजीर (Zanjeer Movie)

( 5 Votes )
उपयोगकर्ता अंक: / 5
ख़राबश्रेष्ठ 

ज़ंजीर

प्रकाश मेहरा की जंजीर ने अमिताभ बच्चन को हिन्दी सिनिमा मे एक नया जीवनदान दिया| कहा जाता है की यह फिल्म अंडरवर्ल्ड सरगना तेजा के जीवन पर आधारित है| इस फिल्म ने रूमानी फ़िल्मो से मार-धाड़ फ़िल्मो का दौर शुरू कर दिया था| यह अमिताभ की पहली फिल्म थी जिसमे वह नायक की भूमिका अदा कर रहे थे| फिल्म मे गंभीर किरदार ने अमिताभ को "एंग्री यंग मैन" का खिताब दिलाया|

चक दे इंडिया (ChakDe India! Movie)

( 5 Votes )
उपयोगकर्ता अंक: / 5
ख़राबश्रेष्ठ 

चक दे

एक लंबे अरसे के बाद यश चोपड़ा की कोई फिल्म प्यार-मोहब्बत से हटकर है और दर्शकों को पसंद आई है| हॉकी की प्रष्‍ठभूमि मे बनी चक दे इंडिया मे शाहरुख़ खान ने अपनी रोमांटिक छवि से हटकर एक ऐसे हाकी कोच की भूमिका निभाई है जिसका एकमात्र लक्ष्य अपनी टीम को विश्व कप जिताना है| फिल्म हमे भारतीय हॉकी के वह सारे पहलू दिखाती है जिसके कारण वह अब रसातल मे जा रही है |

गुरु (Guru Movie)

( 1 Vote )
उपयोगकर्ता अंक: / 1
ख़राबश्रेष्ठ 

गुरु

मनी रत्नम हमेशा से हिन्दी सिनिमा के एक सम्मानित निर्देशक रहे है और गुरु के बाद उनकी छवि मे चार चाँद और ही लगे है| मनी रत्नम का निर्देशन और अभिषेक बच्चन की अदाकारी ने फिल्म को 2007 की सबसे सफलतम फिल्मों मे से एक कर दिया| फिल्म को प्रसिद्ध उद्योगपति धीरूभाई अंबानी की जीवनी भी कहा गया है पर पटकथा और सिने कला ने इसे वृत्तचित्र नही बनने दिया| गुरु कहानी है एक आदमी की जिसने बड़े सपने देखे और उन्हे पूरा करने मे जी-जान लगा दी और इसी वजह से फिल्म की कहानी दर्शकों को प्रेरित भी करती है|

कुर्बान (Kurbaan Movie)

( 1 Vote )
उपयोगकर्ता अंक: / 1
ख़राबश्रेष्ठ 

kurbaan

कुर्बान हाल फिलहाल मे 9/11 पे आधारित उन कुछ फ़िल्मो मे से ही एक है जो अधिकांश हिस्सो मे उन पुरानी फ़िल्मो से प्रेरित ही नज़र आती है| एक ही समय पे लगभग एक सी कहानी पर थोड़े से फेरबदल के साथ ‘न्यू यॉर्क’ और ‘कुर्बान’ सामने आईं हैं| करण ने ‘कुर्बान’ में ‘फना’ को भी जोड़ दिया है।

क़यामत से क़यामत तक (Qayamat Se Qayamat Tak Movie)

( 6 Votes )
उपयोगकर्ता अंक: / 6
ख़राबश्रेष्ठ 

क़यामत से क़यामत तक

मंसूर ख़ान ने फिल्म कयामत से क़यामत तक से हिन्दी सिने जगत को २ ऐसे बेमिसाल सितारे दिए जो फिल्म के २२ सालों भी दर्शकों के मनपसंद है| हालाँकि आमिर खान और जूही चावला पहले भी छुटमुट किरदार निभा चुके थे पर इस फिल्म मे वह नायक-नायिका के किरदार मे सामने आए| फिल्म उस दशक की मार-धाड़ फ़िल्मो से अलग थी और फिल्म की सफलता ने आमिर और जूही के करियर को बुलनिद्यों पर ला खड़ा किया|

पृष्ठ 74 / 75

चर्चित लेख

 

नवीनतम लेख

 

जन्मदिन

 
  • जन्मदिन
  • जन्मदिन
  • जन्मदिन
  • जन्मदिन
  • जन्मदिन

हमे ढूंढे

 

भारत एक विविधिताओं का देश है| यहाँ अनगिनत धर्मों, मज़हबों, जातियों, संस्कृतीयो, भाषाओं, त्योहारों, लोकगीतों आदि का एक अद्भुत और भव्य संगम है |
और पढ़े...

ई-मेल:

फ़ोन नंबर: +91-9971138071


Feedback Form
Feedback Analytics