"तेरा क्या होगा कालिया" संवाद आज तक सबके दिलो दिमाग पर है| हिन्दी सिनिमा की सबसे प्रशंसनीय फ़िल्मो मे से एक फिल्म है शोले| एक गाँव रामगढ़ मे निर्देशित, यह एक परंपरागत हिन्दी फिल्म है जो आज तक हिन्दी फिल्म प्रशंसको के दिल मे घर कर बैठी है| हज़ारो बार देखने बाद भी लोग इसे देखते नही थकते| जय और वीरू की दोस्ती, गब्बर सिंह का डर, सूरमा भोपाली और जैलेर का हास्य, और टाँगेवाली बसंती और उसकी धन्नो- हर पात्र ने दिलो दिमाग़ पर अपनी छाप छोड़ी है|
किशोर कुमार
जन्म तिथि – 4 अगस्त 1929 जन्म स्थान – खंडवा, मध्य प्रदेश मृत्यु – 13 अक्टूबर, 1987 (दिल का दौरा पड़ने से) कद – 5’8.5” उपनाम - किशोर दा पहला गाना – मरने की दुआएं क्यू मांगू (ज़िद्दी, 1948) किशोर कुमार हिन्दी सिने जगत के सबसे लोकप्रिय गायक के रूप में उभरे. उनके गाए हुए गाने आज भी लोगों के जहन में है. उन्हे 8 बार फिल्म फेयर सर्वश्रेष्ठ गायक का खिताब मिला है जो अपने आप में एक कीर्तिमान है. किशोर कुमार ना सिर्फ़ एक उम्दा गायक थे, अभिनेता, गीतकार, निर्माता, लेखक और निर्देशक भी थे. उन्होने अपने फिल्मी पेशे की शुरुआत एक अभिनेता के रूप में फिल्म शिकारी(1946) से की. खेम चंद प्रकाश ने उन्हे फिल्म ज़िद्दी में गाने का मौका दिया जिसमे उन्होने अपना पहला गाना गाया. अभिनेता के रूप में उन्होने और भी कई फिल्में की पर उनका दिल गीत गानो में रहा. |
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दिल आज शायर है (Dil aaj shayar hai)
छूकर मेरे मन को (Chukar Mere Man Ko)
मेरी प्यारी बिंदु (Meri Pyari Bindu)
मुसाफिर हूँ यारों (Musafir hoon yaaron)
मुझे नौलखा मंगवा दे (Mujhe Naulakha Mangva De)
मैं शायर बदनाम (Main Shayar Badnaam) |

जन्म नाम – आभास कुमार गांगुली


रोमांस व सुमधुर गीतों से सजी फिल्म कभी-कभी 1976 की एक चर्चित फिल्म थी| सागर सरहदी की लिखी कहानी पर आधारित फिल्म की पटकथा पामेला चोपड़ा एवं यश चोपड़ा द्वारा लिखी गयी.थी| निर्माता व निर्देशक यश चोपड़ा के परिश्रम से तैयार यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कमाल करने में सफल रही थी|








11 नवम्बर)

(30 सितम्बर)



















