
बॉम्बे टू गोवा एस. रामनाथन द्वारा निर्देशित 1972 में बनी रोमांचक हिंदी फिल्म है| फिल्म के मुख्य कलाकार अमिताभ बच्चन, अरुणा ईरानी, शत्रुगन सिन्हा हैं| फिल्म में संगीत आर.डी. बर्मन जी ने दिया है|
आत्माराम (नजीर हुसैन) और उसकी पत्नी (दुलारी) की ज़िन्दगी में भूचाल आ जाता है जब वह अपनी बेटी माला (अरुणा ईरानी) की फोटो एक मैगज़ीन में देखते हैं| वह रामलाल (आघा) के बेटे से माला की शादी का फैसला करते हैं लेकिन माला इस शादी के खिलाफ है| इसी दौरान शर्मा (शत्रुघ्न सिन्हा) और वर्मा (मनमोहन) माला को बॉलीवुड फिल्म के लिए साइन करने का फैसला करते है| माला के माता-पिता इसके सख्त खिलाफ हैं लेकिन माला को अपनी माता-पिता की उसकी ज़िन्दगी में दखल-अंदाजी पसंद नहीं और वह घर से ढेर सारा पैसा लेकर भाग जाती है| माला सारा पैसा शर्मा और वर्मा को दे देती है| शर्मा और वर्मा में लालच आ जाता है जिसके फलस्वरूप वर्मा की हत्या हो जाती है| माला शर्मा को वर्मा की हत्या करते देख लेती है और अब शर्मा माला की जान लेना चाहता है| माला बॉम्बे से गोवा के लिए बस पकडती है लेकिन शर्मा उसका पीछा करता है और बस में अपना एक आदमी माला को मारने के लिए भेजता है| बस में माला की मुलाकात रवि कुमार (अमिताभ बच्चन) से होती है जो पूरे रास्ते उसकी रक्षा करता है और पूरे सफ़र में उसके साथ रहता है| माला रवि पर भरोसा करने लगती है और उसे रवि से प्यार हो जाता है|
फिल्म में बस का सफ़र सबसे रोमांचक है| बस में पूरे भारत के अलग-अलग शहरों , धर्मों के लोग हैं| फिल्म में सबसे मजेदार किरदार अम्मा और अप्पा (मुकरी) के बेटे ने निभाया है जो पकोड़े खाने के लिए कुछ भी कर जाता है|
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