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अमिताभ बच्चन

altजन्म नाम: इन्किलाब श्रीवास्तव

जन्म तिथि: 11 अक्टूबर, 1942

पहली फिल्म: सात हिन्दुस्तानी

पहली सफल फिल्म: जंजीर

उपनाम: बिग बी,एंग्री यंग मेन,शहेंशाह

बिग बी के नाम से जाने जाने वाले अमिताभ बॉलीवुड के शहेंशाह भी कहे जाते है| 40 साल बाद भी आज बॉलीवुड में उनके कद के सामने कोई नहीं है और  67 की उम्र में भी आज वे बॉलीवुड के सबसे व्यस्त अभिनेताओं में गिने जाते है| शुरू में जिस बाहरी आवाज़ के कारण  निर्देशकों ने अमिताभ को अपनी फिल्मों से लेने को मना कर दिया था, वही आवाज़ आगे चलकर उनकी विशिष्टता बनी| 40 साल के पेशे में उन्हें दर्शकों ने अनेको नाम दिए: बिग बी , शहेंशाह,  एंग्री यंग मेन आदि| अमिताभ ने न सिर्फ बड़े परदे पर खुद को साबित किया पर छोटे परदे पर भी नए आयाम स्थापित किये| धारावाहिक कौन बनेगा करोडपति से उन्होंने अपनी जिंदगी की नयी पारी की शुरुआत की थी और एक के बाद एक नया उच्चमान हासिल करते गए| एक अभिनेता के आलावा, अभिताभ एक गायक, निर्माता और सांसद की भूमिका भी निभा चुके है|

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नमक हराम

हृषिकेश दा भारतीय सिने जगत में अपने विशिष्ट योगदान के लिए जाने जाते हैं | उनकी फिल्मों में वास्तविक हिन्दुस्तान के दर्शन होते थे |सामाजिक मूल्यों के साथ साथ जीवन की स्वाभाविक व सहज परिस्थितियाँ उनकी फिल्मों का आधार होती थीं | 'नमक हराम ' भी कुछ ऐसी ही फिल्म है|

सोमनाथ (राजेश खन्ना) दिल्ली में गरीबों की बस्ती में अपनी विधवा माँ और कुंवारी बहन सरला के साथ रहता है| सोमनाथ उद्योगपति विक्रम (अमिताभ बच्चन) का दोस्त है|

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चुपके चुपके

हँसा हँसा कर पेट में दर्द पैदा करने वाली फिल्म | ये एक वाक्य चुपके चुपके को बयान करता है| ऋषिकेश मुखर्जी की चुपके चुपके बॉलीवुड की सबसे बेहतरीन हास्य फ़िल्मो में से एक है| वे इससे पहले भी आनंद, अभिमान जैसी उम्दा फिल्में दे चुके है|

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सिलसिला - यह कहा आ गए हम 

यह कहाँ आ गये हम (Yeh Kahan Aa Gaye Hum)
फिल्म - सिलसिला (Silsila)

गायक - अमिताभ बच्चन

मैं और मेरी तन्हाई अक्सर यह बातें करते हैं
तुम होती तो कैसा होता, तुम यह कहती, तुम वो कहती
तुम इस बात पे हैरान होती, तुम उस बात पे कितनी हँसती

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बॉम्बे टू गोवा

बॉम्बे टू गोवा एस. रामनाथन द्वारा निर्देशित 1972 में बनी रोमांचक हिंदी फिल्म है| फिल्म के मुख्य कलाकार अमिताभ बच्चन, अरुणा ईरानी, शत्रुगन सिन्हा  हैं| फिल्म में संगीत आर.डी. बर्मन जी ने दिया है|

आत्माराम (नजीर हुसैन) और उसकी पत्नी (दुलारी) की ज़िन्दगी में भूचाल आ जाता है जब वह अपनी बेटी माला (अरुणा ईरानी) की फोटो एक मैगज़ीन में देखते हैं| वह रामलाल (आघा) के बेटे से माला की शादी का फैसला करते हैं लेकिन माला इस शादी के खिलाफ है| इसी दौरान शर्मा (शत्रुघ्न सिन्हा) और वर्मा (मनमोहन) माला को बॉलीवुड फिल्म के लिए साइन करने का फैसला करते है| माला के माता-पिता इसके सख्त खिलाफ हैं लेकिन माला को अपनी माता-पिता की उसकी ज़िन्दगी में दखल-अंदाजी पसंद नहीं और वह घर से ढेर सारा पैसा लेकर भाग जाती है| माला सारा पैसा शर्मा और वर्मा को दे देती है| शर्मा और वर्मा में लालच आ जाता है जिसके फलस्वरूप वर्मा की हत्या हो जाती है| माला शर्मा को वर्मा की हत्या करते देख लेती है और अब शर्मा माला की जान लेना चाहता है| माला बॉम्बे से गोवा के लिए बस पकडती है लेकिन शर्मा उसका पीछा करता है और बस में अपना एक आदमी माला को मारने के लिए भेजता है| बस में माला की मुलाकात रवि कुमार (अमिताभ बच्चन) से होती है जो पूरे रास्ते उसकी रक्षा करता है और पूरे सफ़र में उसके साथ रहता है| माला रवि पर भरोसा करने लगती है और उसे रवि से प्यार हो जाता है| 

फिल्म में बस का सफ़र सबसे रोमांचक है| बस में पूरे भारत के अलग-अलग शहरों , धर्मों  के लोग हैं| फिल्म में सबसे मजेदार किरदार अम्मा और अप्पा (मुकरी) के बेटे ने निभाया है जो पकोड़े खाने के लिए कुछ भी कर जाता है|  

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सत्ते पे सत्ता - दिलबर मेरे

दिलबर मेरे कब तक मुझे (Dilbar Mere Kab Tak Mujhe)
   फिल्म - सत्ते पे सत्ता (Satte Pe Satta)
    गायक - किशोर कुमार


(दिलबर मेरे कब तक मुझे
 ऐसे ही तड़पओगे) -2
(मैं आग दिल में लगा दूँगा वो
के पल में पिघल जाओगे) -2

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शराबी-मंजिलें अपनी जगह

मंजिले अपनी जगह है  (Manzile Apni Jagah)
   फिल्म - शराबी   (Sharaabi)
   गायक -  किशोर कुमार


मंज़िलों पे आके लूट-ते हैं दिलों के कारवाँ
कश्तिया साहिल पे अक्सर डूबती हैं प्यार की

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नमक हराम - नदिया से दरिया

नदिया से दरिया (Nadiya Se Dariya)
  फिल्म - नमक हराम (Namak Haraam)
  गायक - किशोर कुमार


नदिया से दरिया, दरिया से सागर,
सागर से गहरा जाम (2)
हो हो हो जाम मे डूब गयी यारो
मेरे जीवन की हर शाम.

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कभी कभी - मैं पल दो पल

में पल दो पल का शायर हूँ (Main Pal Do Pal Ka Shayar Hun)
    फिल्म - कभी कभी (Kabhi Kabhi)
    गायक - मुकेश


में पल दो पल का शायर हूँ
पल दो पल मेरी कहानी है
पल दो पल मेरी हस्ती है

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