
‘हम साथ साथ है’ एक ठेठ राजश्री फिल्म है जो एक आदर्श परिवार और उसके आदर्शवादी सदस्यों पर केंद्रित रहती है| 'नदिया के पार' और 'हम आपके हैं कौन..!' की तर्ज़ पर ही निर्देशक सूरज बड़जातीया ने एक संयुक्त परिवार की कहानी को पर्दे पर दिखाया है|
फिल्म की कहानी एक संयुक्त परिवार के इर्द गिर्द घूमती है जिसके सदस्य रामकिशन(अलोक नाथ) और ममता (रीमा लागू) की शादी की 25वी सालगिरह मानने के लिए एकजुट होते है| रामकिशनजी के 4 बेटे है- विवेक (मोहनीश बहल), प्रेम (सलमान खान), संगीता(नीलम) और विनोद (सैफ अली ख़ान) जो आपस मे एक दूसरे से बेहद प्यार करते है| संगीता की शादी आनंद(महेश ठाकुर) से हुई है और उनकी एक बेटी भी है|
कहानी आगे बढ़ती है और विवेक की शादी साधना (तबु) से हो जाती है, प्रेम की सगाई प्रीति (सोनाली बेंद्रे) से और विनोद को सपना (करिश्मा कपूर) से प्यार| प्रेम और प्रीति बचपन के साथी है और बचपन से ही एक दूसरे को पसंद करते है वही सपना और विनोद बचपन मे पड़ोसी थे|
रामकिशनजी का एक ही सपना है कि उनका परिवार हमेशा साथ रहे पर उन्हे तब झटका लगता है जब आनंद को उसके बड़े भाई अपने घर से निकल देते है| ये देखकर ममता की सहेलिया उसके कान भर देती है कि वक़्त आने पर विवेक भी अपने भाइयों को धोखा दे देगा| कहानी में नाटकीय मोड़ आता है पर अंत में रामकिशनजी के आदर्शों की जीत हम आपके हैं कौन..!होती है जब पूरा परिवार फिर से एक साथ हो जाता है|
देखा जाए तो कहानी में नया कुछ नही है और पूरी कहानी का आसानी से अंदाज़ा लगाया जा सकता है| पर निर्देशन और पटकथा सशक्त है और दर्शकों को उबने नही देती|
अभिनय की बात करें तो सभी कलाकारों ने अपने किरदारों के साथ न्याय किया है| अलोक नाथ और रीमा का अभिनय काबिल-ए-तारीफ़ है| सलमान खान ज़रूरत से ज़्यादा कोशिश करते दिखे वही सोनाली बेंद्रे भी कुछ ख़ास नही जची| जहाँ करिश्मा कपूर ने एक नटखट लड़की का किरदार बखूबी निभाया वही सैफ अली ख़ान भी खूब जचे|
फिल्म का संगीत राम लक्ष्मण ने दिया है और दर्शकों को काफ़ी पसंद आया| गाने फिल्म की कहानी पर जचते है और कहानी को आगे बढ़ते है|
संपूर्ण मे कहे तो दर्शकों को फिल्म मे कुछ नया देखने को नही मिलेगा पर फिर भी एक अच्छी पारिवारिक मनोरंजक फिल्म है|
गाने: